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भारत और यूरोपीय यूनियन में व्यापार समझौता पक्का! समझौते पर आज होगा हस्ताक्षर

लंबी बातचीत के बाद अब जाकर भारत और यूरोपीय संघ आज नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में एक व्यापक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत के समापन की आधिकारिक घोषणा करेंगे. साथ ही आज दोनो देशों के बीच समझौते पर साइन हो सकता है.

Calendar Last Updated : 27 January 2026, 08:25 AM IST
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नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ आज नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में एक व्यापक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत के समापन की आधिकारिक घोषणा करने के लिए तैयार हैं, जो लगभग 20 वर्षों की बातचीत के बाद एक बड़ी सफलता होगी. भारत ने यूरोप से आने वाली कारों पर टैरिफ बहुत कम करने का बड़ा ऑफर दिया है, जिससे यह डील जल्दी से फाइनल हो सकती है.

हालांकि यह डील लंबे समय से लटकी हुई थी लेकिन अब इस पर सरकारी मुहर लग सकती है. यह समझौता न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि भू-राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर भी भारत और यूरोप के रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है.

मुक्त व्यापार समझौते पर आधिकारिक पुष्टि

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत–ईयू एफटीए पर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि समझौते पर दोनो देशों की बात हो चुकी है साथ ही सभी तैयारियां भी लगभग कंप्लीट है और इसे भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित व दूरदर्शी तरीके से बनाया गया है. उनके अनुसार, यह करार भारत को यूरोपीय अर्थव्यवस्था के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ने में मदद करेगा. फिलहाल समझौते की कानूनी जांच चल रही है और रिपोर्ट है कि दोनो पक्ष आज हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. 

कब लागू होगा समझौता?

अधिकारियों के मुताबिक, इस समझौते पर इसी वर्ष के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं और 2026 की शुरुआत में इसके लागू होने की संभावना है. हालांकि, इसके लिए भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल और यूरोपीय संघ में यूरोपीय संसद की मंजूरी आवश्यक होगी. यूरोपीय संसद की प्रक्रिया में आमतौर पर कई महीने लग सकते हैं.

24 अध्यायों में फैला व्यापक समझौता

यह फ्री टैरिफ समझौता वस्तुओं, सेवाओं और निवेश से जुड़े व्यापार को कवर करता है और इसमें कुल 24 अध्याय शामिल हैं. इसके साथ-साथ निवेश संरक्षण और भौगोलिक संकेतकों (जीआई) पर अलग से समानांतर बातचीत भी जारी है.

यूरोप में भारतीय सामान जैसे टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ज्वेलरी एंड जेम्स, इंजीनियरिंग गुड्स और प्रोसेस्ड फूड समेत कई चीजें कम टैरिफ में मिलेगा. इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को बहुत फायदा पहुंचेगा. EU भारत में वाइन, शराब, कुछ सर्विसेज और अन्य सेक्टर में ज्यादा आसानी चाहता है. वहीं लेबर-इंटेंसिव एक्सपोर्ट पर बेहतर ट्रीटमेंट की मांग रखी है. इससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी. 

वर्तमान में यूरोपीय संघ में भारतीय उत्पादों पर औसतन 3.8 प्रतिशत शुल्क लगता है, जबकि श्रम-प्रधान उत्पादों पर यह करीब 10 प्रतिशत तक है.

भारत-EU व्यापार के आंकड़े

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 136.53 अरब डॉलर तक पहुंच गया. सेवाओं के व्यापार का आंकड़ा 83.10 अरब डॉलर रहा. इस दौरान भारत को 15.17 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष प्राप्त हुआ. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा वस्तु व्यापार भागीदार बन चुका है.

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