नई दिल्ली: मौजूदा समय में फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सनराइजर्स हैदराबाद को जबरदस्त ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है. द हंड्रेड के ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को लेने के बाद एसआरएच की मालकिन काव्या मारन को फैंस की नाराजगी झेलनी पड़ रही है. लेकिन इसी बीच सदर्न ब्रेव्स के मुख्य कोच हेमांग बदानी ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है. अभी अबरार अहमद वाला मामला शांत भी नहीं हुआ था कि तभी कोच हेमांग बदानी ने कहा कि वह द हंड्रेड ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों में इंट्रस्टेड थे.
सदर्न ब्रेव्स के मुख्य कोच हेमांग बदानी ने खुलासा किया है कि गुरुवार को द हंड्रेड के पहले ऑक्शन में उनकी टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने में भी दिलचस्पी रखती थी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीएमआर ग्रुप के सह-स्वामित्व वाली सदर्न ब्रेव्स इस सीजन में द हंड्रेड में शामिल चार आईपीएल समर्थित टीमों में से एक है. पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर बदानी ने स्वीकार किया कि उनकी विशलिस्ट में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी थे.
कोच के अनुसार, नीलामी में टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता एक मजबूत स्पिनर को साइन करना था. टीम के पास पहले से ट्रिस्टन स्टब्स और मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ी मौजूद थे, इसलिए प्रबंधन विदेशी या स्थानीय स्पिनर के विकल्प तलाश रहा था. इसी रणनीति के तहत इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल राशिद को 2,50,000 पाउंड में टीम में शामिल किया गया, जो ऑक्शन में बिकने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में से एक थे.
स्पिनर के बाद टीम ने ऑलराउंड विकल्प को मजबूत करने पर ध्यान दिया और भारत में जन्मे ऑलराउंडर निखिल चौधरी को अपने स्क्वॉड में शामिल किया. बदानी के मुताबिक, फ्रेंचाइजी की कोशिश यही थी कि टीम संयोजन ऐसा हो जो पूरे टूर्नामेंट में संतुलन बनाए रख सके.
बता दें सनराइजर्स लीड्स द्वारा अबरार अहमद को करीब 2.3 करोड़ रुपये में साइन किया गया था. जिसके बाद से भारत में इसे लेकर विवाद शुरु हो गया था.