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भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कैलिफोर्निया में गोलीबारी में मौत, परिवार ने उठाए सवाल

सांता क्लारा के पुलिस प्रमुख कोरी मॉर्गन ने इस घटना पर बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति हिंसक हो चुकी थी. उनके अनुसार निजामुद्दीन के हाथ में चाकू था और वह हमला करने की मुद्रा में दिख रहे थे.

Calendar Last Updated : 19 September 2025, 11:11 AM IST
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Indian Techie Shot Dead in US: तेलंगाना के महबूबनगर जिले के 29 वर्षीय मोहम्मद निजामुद्दीन की इस महीने की शुरुआत में कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई. निजामुद्दीन एक सॉफ्टवेयर पेशेवर थे और उनके साथ यह घटना 3 सितंबर को हुई. इस दौरान निजामुद्दीन और उनके रूममेट के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ था. सांता क्लारा पुलिस के अनुसार पुलिस को सुबह करीब 6:18 बजे एक आपातकालीन कॉल मिली. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने निजामुद्दीन को चाकू के साथ देखा, जो अपने रूममेट को धमकाने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने गोली चलाई, जिसके बाद निजामुद्दीन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई.

सांता क्लारा के पुलिस प्रमुख कोरी मॉर्गन ने इस घटना पर बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति हिंसक हो चुकी थी. उनके अनुसार निजामुद्दीन के हाथ में चाकू था और वह हमला करने की मुद्रा में दिख रहे थे. पुलिस का कहना है कि गोली चलाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था. घटनास्थल से दो चाकू बरामद किए गए. निजामुद्दीन के रूममेट, जो इस घटना में घायल हुए, का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है. मॉर्गन ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई ने आगे की हिंसा को रोका और एक जान बचाई.

परिवार का दर्द और नस्लीय पूर्वाग्रह का आरोप  

निजामुद्दीन के परिवार को उनकी मृत्यु की खबर 18 सितंबर को मिली, जिसके बाद से वे गहरे सदमे में हैं. उनके पिता, मोहम्मद हसनुद्दीन ने इस हत्या में नस्लीय पूर्वाग्रह का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि रूममेट के साथ उनका झगड़ा मामूली बात पर हुआ था. परिवार का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी बहुत देर से दी गई. वे निजामुद्दीन के शव को भारत वापस लाने और न्याय की मांग कर रहे हैं. निजामुद्दीन ने अमेरिका में एमएस की पढ़ाई पूरी की थी और कैलिफोर्निया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे. उनके परिवार और दोस्तों के अनुसार, वे एक मेहनती और महत्वाकांक्षी युवा थे. उनकी असमय मृत्यु ने उनके परिवार और समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है.

न्याय की मांग और राजनीतिक समर्थन  

मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) के प्रवक्ता और स्थानीय नेता अमजद उल्लाह खान ने परिवार की आवाज को बुलंद किया. उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. परिवार ने सरकार से निजामुद्दीन के अवशेषों को वापस लाने और इस घटना की निष्पक्ष जांच की अपील की है. निजामुद्दीन के परिवार और समर्थकों का कहना है कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है. भारत सरकार और स्थानीय संगठनों से इस दुखद घटना पर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है. 

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