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Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव अब काफी ज्यादा बढ़ चुका है. अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने आपातकालीन UNSC बैठक की मांग की थी. अमेरिका ने ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्रों पर शनिवार को हमला किया, जिसके बाद रविवार को आपातकालीन विशेष सत्र का आयोजन किया गया.
आपातकालीन विशेष सत्र के दौरान अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरे के एजेंडा पर चर्चा की गई. इस बैठक में ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी. ईरान ने अमेरिका पर कूटनीति को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरानी सेना अमेरिका द्वारा किए गए हमले का उचित और आनुपातिक प्रतिक्रिया यानी 'समय, प्रकृति और पैमाने' का निर्धारण करेगी.
अमेरिका ने शनिवार को ईरान के तीन प्रमुख स्थल फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर जमकर बमबारी की. जिसकी वजह से यह तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया. ईरानी नेता ने कहा कि 'भले ही ईरान इस जबरदस्त अमेरिकी आक्रमण और उसके इज़रायली प्रॉक्सी के खिलाफ खुद का बचाव करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपना पूरा और वैध अधिकार सुरक्षित रखता है, लेकिन ईरान के जवाब देने का समय और तरीका उसके सशस्त्र बलों द्वारा तय किया जाएगा. उन्होंने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. साथ ही उन्होंने दावा किया है कि यह हमला अमेरिका, यूके, फ्रांस और कई यूरोपीय सहयोगियों के प्रेरित कार्रवाई की वजह से हुआ है. उन्होंने राजनयिक रास्तों को कमजोर करने के लिए इजरायल की कड़ी आलोचना भी की.
इरावनी ने कहा कि इजरायल ने कूटनीति को खत्म करने का फैसला लिया है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कूटनीति केवल अतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने का एक धोखेबाज तरीका है. उन्होंने कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राज्य अमेरिका को एक और महंगे और निराधार युद्ध की ओर घसीट लिया है. इरावनी ने ईरान के अगले कदम की अप्रत्यक्ष रुप से चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान किसी भी समय हिसाब बराबर कर सकता है. दोनों देशों के बीच अब धीरे-धीरे तनाव और भी ज्यादा बढ़ता जा रहा है. आने वाले समय में यह देखना होगा कि यह लड़ाई कहां तक पहुंच जाता है.