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नई दिल्ली: भारतीय टी20 क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में अगर किसी बल्लेबाज ने अपनी आक्रामक शैली और 360 डिग्री शॉट्स से खेल की तस्वीर बदली है, तो वह नाम सूर्यकुमार यादव का है. मैदान के हर हिस्से में रन बनाने की कला और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाने की क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया.
लेकिन क्रिकेट में हर खिलाड़ी को कभी न कभी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ता है और IPL 2026 में कुछ ऐसा ही सूर्यकुमार यादव के साथ देखने को मिला. भारतीय टीम को टी20 एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान का बल्ला इस बार IPL में उम्मीद के मुताबिक नहीं चला, जिसका असर मुंबई इंडियंस के प्रदर्शन पर भी साफ दिखाई दिया.
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2025 टी20 एशिया कप और 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता. बड़े मुकाबलों में शांत दिमाग और खिलाड़ियों का सही इस्तेमाल करने की उनकी क्षमता की हर तरफ तारीफ हुई. हालांकि IPL 2026 में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहद साधारण रहा. मुंबई इंडियंस को अपने सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज से बड़ी पारियों की उम्मीद थी, लेकिन पूरा सीजन उनके लिए संघर्ष भरा साबित हुआ.
इस सीजन सूर्यकुमार यादव ने 12 पारियों में सिर्फ 210 रन बनाए. उनका औसत 17.50 रहा और पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से केवल एक अर्धशतक निकला. यह वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने IPL 2025 में 16 मैचों में 717 रन बनाए थे. उस सीजन उनका औसत 65 से ज्यादा रहा था और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहद खतरनाक था. ऐसे में एक साल के भीतर प्रदर्शन में आई इतनी बड़ी गिरावट ने क्रिकेट फैंस को भी चौंका दिया.
मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी लंबे समय से सूर्यकुमार यादव के इर्द-गिर्द घूमती रही है. जब वह लय में होते हैं तो टीम का मिडिल ऑर्डर बेहद मजबूत नजर आता है. लेकिन IPL 2026 में उनकी खराब फॉर्म का असर पूरी टीम पर देखने को मिला. कई मुकाबलों में अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद मुंबई इंडियंस बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी. टीम को कई मौकों पर उस SKY स्पेशल पारी की कमी महसूस हुई, जिसने पिछले कई सालों में मुंबई इंडियंस को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला था.
इस सीजन सूर्यकुमार यादव मैच फिनिश करने वाली पारियां खेलने में भी सफल नहीं रहे. उनकी बल्लेबाजी में वह आत्मविश्वास और फ्लो नजर नहीं आया, जो आमतौर पर उनकी सबसे बड़ी पहचान माना जाता है. कई मौकों पर वह शुरुआत तो कर पाए, लेकिन उसे बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे.
IPL के अलावा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी सूर्यकुमार यादव बल्ले से बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके. उन्होंने 9 मैचों में 242 रन बनाए. हालांकि कुछ अहम मुकाबलों में उन्होंने उपयोगी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन उनसे जिस तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद थी, वैसी निरंतरता देखने को नहीं मिली. फिर भी उनकी कप्तानी की काफी सराहना हुई क्योंकि उन्होंने टीम को एकजुट रखा और दबाव वाले मैचों में खिलाड़ियों का बेहतर इस्तेमाल किया.
अब चर्चा उनके भविष्य को लेकर भी शुरू हो गई है. सूर्यकुमार यादव 35 साल के हो चुके हैं और अगला टी20 वर्ल्ड कप 2028 में खेला जाएगा. ऐसे में भारतीय टीम मैनेजमेंट भविष्य की योजना को ध्यान में रखते हुए नए कप्तानी विकल्पों पर विचार कर सकता है. भारत अगले महीने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टी20 सीरीज खेलने वाला है, जहां चयनकर्ता भविष्य की टीम तैयार करने के नजरिए से भी फैसले ले सकते हैं.
अगर भविष्य के कप्तानी विकल्पों की बात करें तो श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन को मजबूत दावेदार माना जा रहा है. दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ समय में अपनी बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता से प्रभावित किया है. ऐसे में आने वाले महीनों में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी को लेकर नई बहस तेज हो सकती है.