नई दिल्ली: इजरायल ने ईरान के अंदर गहरे हमलों की एक श्रृंखला की, जिसमें उच्च स्तरीय लक्ष्यों को निशाना बनाया गया. इजरायली रक्षा बलों ने दावा किया कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी पर हमला हुआ. इजरायल का कहना है कि सुलेमानी की मौत हो गई, जबकि लारीजानी के बारे में अभी पुष्टि नहीं हुई है.
इसके अलावा तेहरान में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के वरिष्ठ नेता अकरम अल-अजौरी पर भी स्ट्राइक की गई. आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने इन ऑपरेशनों की पुष्टि करते हुए कहा कि ये कार्रवाई ईरान द्वारा समर्थित आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए की गई. ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच यह हमला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इजरायल ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सटीक जानकारी के आधार पर तेहरान के बीचों-बीच टार्गेटेड हमले किए. इनमें बासिज बल के कमांडर गुलाम रजा सुलेमानी को मार गिराया गया. इजरायल का दावा है कि पिछले छह साल से सुलेमानी इस यूनिट की कमान संभाल रहे थे.
इजरायल ने स्पष्ट रूप से कहा कि गुलाम रजा सुलेमानी मारे गए हैं. बासिज बल ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का हिस्सा है और आंतरिक दमन में सक्रिय भूमिका निभाता है. इजरायल ने इसे आतंकी शासन का सशस्त्र हिस्सा बताया.
अली लारीजानी, जो ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव हैं, भी निशाने पर थे. हमले के बाद उनकी मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है. शुरुआती रिपोर्ट्स में उनकी स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है.
तेहरान के एक सेफ हाउस में छिपे फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के नेता अकरम अल-अजौरी और अन्य टॉप अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया. इजरायल ने इसे ईरान समर्थित बाहरी आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई बताया. वहीं आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ इयाल जमीर ने सुबह स्थिति की समीक्षा के बाद इन हमलों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रात भर की कार्रवाई से महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं, जो आने वाले मिशनों को प्रभावित करेंगे. इजरायल ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया है.