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बलोचिस्तान: पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर बड़े धमाके से दहल उठा है. राजधानी क्वेटा में हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. धमाका इतना शक्तिशाली था कि रेलवे ट्रैक के पास खड़ी एक ट्रेन की बोगी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि आसपास के इलाके में आग फैल गई. शुरुआती रिपोर्ट्स में कई लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है. इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके को घेर लिया गया है.
🚨 Breaking | #Quetta: Several train carriages derailed following an explosion at the Chaman Gate crossing. Initial reports indicate damage to the train, while details regarding possible casualties remain unclear. pic.twitter.com/UCfx6YwCZx
— Islamabad Post (@ISBPost) May 24, 2026
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धमाका क्वेटा के मन फाटक इलाके में हुआ. बताया जा रहा है कि विस्फोट फ्रंटियर कोर मुख्यालय के गेट के पास रेलवे ट्रैक के करीब हुआ, ठीक उसी समय जब एक ट्रेन वहां से गुजर रही थी. धमाके की चपेट में आने से ट्रेन की एक बोगी के परखच्चे उड़ गए और कई डिब्बे पटरी से उतर गए. घटना के तुरंत बाद इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया. आसपास खड़े कई वाहनों में भी आग लग गई, जिससे हालात और गंभीर हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई और कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
एक रिपोर्ट के मुताबिक इस धमाके में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. घायलों को तुरंत क्वेटा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमों को बुलाया गया है.
धमाके के बाद पुलिस, सेना और बचाव एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और राहत कार्य शुरू कर दिया. ट्रेन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम कई घंटों तक चलता रहा. रेलवे ट्रैक को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण इस रूट पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं. सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और धमाके की प्रकृति की जांच की जा रही है.
इस घटना को हाल के दिनों में बलूचिस्तान में चलाए गए सैन्य अभियानों से जोड़कर देखा जा रहा है. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान सेना के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने क्वेटा का दौरा किया था. उन्होंने वहां तैनात सैनिकों और अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा हालात की समीक्षा की थी. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक हाल ही में खुफिया जानकारी के आधार पर कई अभियान चलाए गए थे, जिनमें उग्रवादी संगठनों के 35 सदस्य मारे गए और तीन बड़े कमांडरों को गिरफ्तार किया गया.
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया था कि मंगला जरघून गार इलाके में चार दिनों तक बड़ा ऑपरेशन चला था, जिसमें कई ठिकानों को तबाह किया गया. अब माना जा रहा है कि क्वेटा में हुआ यह विस्फोट उसी कार्रवाई के जवाब में किया गया हमला हो सकता है. हालांकि अभी तक किसी संगठन ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है.
बलूचिस्तान लंबे समय से हिंसा, उग्रवाद और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है. यहां आए दिन सुरक्षा बलों और उग्रवादी संगठनों के बीच संघर्ष देखने को मिलता है. रेलवे ट्रैक, सैन्य ठिकाने और सरकारी संस्थान अक्सर हमलों का निशाना बनते रहे हैं. क्वेटा में हुए इस ताजा धमाके ने एक बार फिर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी हुई हैं.