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नई दिल्ली: रूस की यात्रा से लौटते ही तालिबान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब मुजाहिद के तेवर पूरी तरह बदले हुए नजर आ रहे हैं. मॉस्को में सुरक्षा मंच की बैठक और रूस के साथ हुए एक महत्वपूर्ण सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते के तुरंत बाद तालिबान ने अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को अब तक की सबसे सीधी और खुली चेतावनी दे दी है.
याकूब मुजाहिद ने साफ लफ्जों में कहा है कि अब अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करना और उस पर हवाई हमले करना पहले जितना आसान नहीं रहने वाला है.
बीबीसी उर्दू की एक रिपोर्ट के अनुसार काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने पाकिस्तान द्वारा हाल ही में किए गए हवाई हमलों का खुलकर जिक्र किया. उन्होंने कहा, कुछ महीने पहले आपने देखा होगा कि उन्होंने अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों पर बमबारी की थी. हम पूरी ताकत से कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले भविष्य में पाकिस्तान दोबारा ऐसा दुस्साहस करने की हिम्मत न कर सके.
मुल्ला याकूब इस सप्ताह रूस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच की उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने गए थे. इस मंच को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि रूस द्वारा तालिबान प्रशासन को आधिकारिक तौर पर मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ाने के बाद यह पहला बड़ा सुरक्षा सम्मेलन था जिसमें तालिबान के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया. दिलचस्प बात यह है कि इस वैश्विक मंच पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे.
इस यात्रा के दौरान रूस और तालिबान के बीच एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए. दोनों देशों ने इस समझौते के गुप्त रणनीतिक पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन अफगान मीडिया रिपोर्ट्स और रक्षा विश्लेषकों का दावा है कि यह बातचीत सिर्फ पुराने हथियारों की मरम्मत तक सीमित नहीं थी.
सूत्रों के मुताबिक तालिबान रूस को आधुनिक हवाई रक्षा प्रणाली (जैसे S-300, S-400 या पैंटसिर एयर डिफेंस सिस्टम) प्रदान करने के लिए राजी करने में काफी हद तक सफल रहा है. काबुल लौटने पर याकूब ने रणनीतिक कारणों से इन अटकलों को थोड़ा शांत करने की कोशिश की और कहा कि समझौता मुख्य रूप से अफगानिस्तान में मौजूद पुराने रूसी हेलीकॉप्टरों और विमानों के रखरखाव से जुड़ा है.
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते हुए अफगान सीमा के भीतर कई हवाई और रॉकेट हमले किए हैं. इस पर पलटवार करते हुए तालिबान अब अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को इतना मजबूत करना चाहता है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को अपनी सीमा में घुसने से रोका जा सके. याकूब के इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में पाक-अफगान सीमा पर सैन्य तनाव और ज्यादा गहरा सकता है.