menu-icon
The Bharatvarsh News

इजरायल-गाजा संघर्ष पर ट्रंप की चेतावनी, बंधकों की रिहाई नहीं हुई तो युद्धविराम समाप्त हो

डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर वे (बंधक) यहां नहीं हैं, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा. उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों को रिहा किया जाना था. उनमें से कई पहले ही मारे जा चुके हो सकते हैं.

Calendar Last Updated : 11 February 2025, 08:22 AM IST
Share:

Donald Trump on Hamas Israel Ceasefire: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर हमास शनिवार दोपहर तक गाजा में बंधकों को रिहा नहीं करता, तो इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम समझौते को समाप्त कर दिया जाना चाहिए.

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा. व्हाइट हाउस में कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, अगर वे (बंधक) यहां नहीं हैं, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा. 

उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों को रिहा किया जाना था. उनमें से कई पहले ही मारे जा चुके हो सकते हैं. हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय इजरायल के हाथों में होगा. मैं अपनी राय व्यक्त कर रहा हूं. इजरायल चाहे तो इस समझौते को रद्द कर सकता है. 

गाजा पर अमेरिकी नियंत्रण की योजना?  

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उन्होंने हाल ही में कहा था कि गाजा में फिलिस्तीनियों को उनके घर वापस लौटने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए. यह बयान उनके प्रशासन के अधिकारियों के बयानों के विरोधाभासी था. जिन्होंने कहा था कि ट्रंप केवल अस्थायी पुनर्वास की वकालत कर रहे थे. ट्रंप ने हाल ही में सुझाव दिया था कि गाजा को अमेरिकी नियंत्रण में लेकर उसे मध्य पूर्व के रिवेरा में बदल दिया जाए. इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है.  

अरब देशों पर दबाव बढ़ा रहे ट्रंप  

ट्रंप ने हाल ही में अरब देशों, विशेष रूप से जॉर्डन और मिस्र पर दबाव बढ़ा दिया है कि वे गाजा के फिलिस्तीनियों को अपने यहां शरण दें. यह दोनों देश इस क्षेत्र को फिलिस्तीन की भविष्य की मातृभूमि मानते हैं और इस योजना का विरोध कर रहे हैं. फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि हम ऐसे सुरक्षित समुदाय बनाएंगे जो मौजूदा खतरों से थोड़ी दूरी पर होंगे. उन्होंने आगे कहा कि  मैं इस योजना का मालिक हूं. इसे एक रियल एस्टेट परियोजना के रूप में देखा जाना चाहिए. यह एक खूबसूरत भूमि होगी और इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा. ट्रंप के इस प्रस्ताव की अरब देशों ने तीखी आलोचना की है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ व्हाइट हाउस में बैठक करने वाले हैं. जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है.  

गाजा को खरीदने की टिप्पणी

जॉर्डन और मिस्र ने यह चिंता भी जताई है कि अगर वे बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को अपने यहां जगह देते हैं. तो उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है. गाजा को 'खरीदने' की ट्रंप की टिप्पणी पर हमास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. हमास के वरिष्ठ अधिकारी इज़्ज़त अल-रिश्क ने इसे 'बेतुका' और 'फिलिस्तीन के बारे में गहरी अज्ञानता' बताया.  उन्होंने कहा कि  फिलिस्तीनी मुद्दे को एक रियल एस्टेट डील की तरह देखना असफलता का नुस्खा है. हमारे लोग जबरन विस्थापन और निर्वासन की किसी भी योजना को नाकाम कर देंगे.  
 

सम्बंधित खबर

Recent News