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दिल्ली-एनसीआर में भारी आफत, मयूर विहार में 10 सेंटीमीटर से अधिक रिकॉर्ड बारिश दर्ज, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारी बारिश ने जहां पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से दिल्लीवासियों को बड़ी राहत दी और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं सुबह के पीक ऑवर्स के दौरान पूरी दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया.

Calendar Last Updated : 09 July 2026, 01:07 PM IST
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह (9 जुलाई) मॉनसून ने इस सीजन का सबसे रौद्र और तीव्र रूप दिखाया. बुधवार रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला गुरुवार तड़के और सुबह के शुरुआती घंटों तक लगातार जारी रहा. इस भारी बारिश ने जहां पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से दिल्लीवासियों को बड़ी राहत दी और तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं सुबह के पीक ऑवर्स के दौरान पूरी दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. सड़कों पर जलभराव के कारण जगह-जगह लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

बारिश के आंकड़ों में मयूर विहार सबसे आगे

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा, लेकिन पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके ने बारिश के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. मयूर विहार मौसम केंद्र ने 8 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 9 जुलाई सुबह 8:30 बजे के बीच कुल 102.5 मिलीमीटर (10 सेमी से अधिक) बारिश दर्ज की. यह पूरी राजधानी का इकलौता ऐसा स्टेशन रहा, जहां 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर से ज्यादा पानी बरसा.

कहां कितनी बारिश दर्ज की गई

राजधानी के अन्य प्रमुख मौसम केंद्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूसा में 83.0 मिमी, लोधी रोड में 80.2 मिमी और रिज क्षेत्र में 77.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. दिल्ली के मुख्य वेदर स्टेशन सफदरजंग में 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसे पूरी दिल्ली के मौसम का प्रतिनिधि माना जाता है. इसके अलावा पालम में 63.0 मिमी, नारायणा में 62.5 मिमी, जनकपुरी में 62.0 मिमी, आयानगर में 57.4 मिमी, नजफगढ़ में 42.5 मिमी, सीआरपीएफ कैंपस में 33.0 मिमी और जाफरपुर में सबसे कम 6.0 मिमी बारिश दर्ज हुई.

गर्मी से मिली राहत लेकिन सड़कों पर बढ़ी आफत

इस जोरदार बारिश ने दिल्ली को पिछले कई दिनों से सता रही चिपचिपी और उमस भरी गर्मी से तो निजात दिला दी, लेकिन साथ ही ड्रेनेज सिस्टम की पुरानी पोल भी खोल दी. भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर एक विशाल पेड़ उखड़कर नीचे खड़ी कारों पर गिर गया, जिससे उस पूरे मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया. मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून इस समय पूरी तरह सक्रिय है और आने वाले घंटों में भी रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है. प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

अगले 24 घंटे दिल्ली-एनसीआर के लिए महा-बारिश का अलर्ट

मौसम के मिजाज पर पैनी नजर रखने वाले स्वतंत्र विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह मानसूनी सिस्टम अगले कुछ घंटों में और अधिक उग्र हो सकता है. मौसम विश्लेषक नवदीप दहिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र इस समय एक कम दबाव के क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में स्थित है. इसके प्रभाव से पूरा क्षेत्र अगले 24 घंटों के लिए एक 'विशाल वर्षा घटना' के दौर में प्रवेश कर रहा है. उनके मुताबिक, अगले 12 घंटे दिल्ली और गाजियाबाद के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाले हैं. जिसमें लगातार हल्की से मध्यम बारिश के बीच रह-रहकर बेहद भारी बारिश होने की आशंका है.

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