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चुनाव हारने के बाद भी चंदा क्यों मांग रही कमला हैरिस? लोगों को भेजा ये खास ईमेल

अमेरिका चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने जीत हासिल कर ली है. वहीं कमला हैरिस उपराष्ट्रपति के रुप में चुनी गई है. चुनाव हारने के बाद भी कमला हैरिस अभी भी चंदा मांग रही हैं.

Calendar Last Updated : 17 November 2024, 12:03 PM IST
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Kamala Harris: अमेरिका चुनाव में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला. हालांकि इस मुकाबले में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप में बाजी मारी ली. उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता कमला हैरिस को मात दी. हालांकि चुनावी नतीजे के बाद भी अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस चंदा जुटाने में लगी हुई हैं. उन्होंने लोगों को हैरिस फाइट फंड के नाम से लोगों को चंदा की अपील की है. 

लोगों को भेजे गए ईमेल में कमला हैरिस ने लिखा कि अमेरिका के वादे की रोशनी तब तक चमकती रहेगी, जब तक हम लड़ते रहेंगे. साथ ही देशभर में कई महत्वपूर्ण चुनावों के नतीजे आने बाकी हैं, जिनमें पुनर्मतगणना या कानूनी चुनौतियां हो सकती हैं. इस वजह से हमें फंड की आवश्यकता है.यह चंदा ‘हैरिस फाइट फंड’ नामक अभियान के तहत जुटाया जा रहा है. जो कि पहले द्वारा चलाया जा रहा है ‘हैरिस विक्ट्री फंड’ का नया रूप है. हालांकि, ई-मेल में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें कितने फंड की जरूरत है.

ट्रंप के मुकाबले मिला अधिक चंदा

चुनाव के दौरान कमला हैरिस के अभियान ने ट्रंप के मुकाबले कहीं अधिक चंदा जुटाया था. रिपोर्ट्स के अनुसार हैरिस ने करीब 1 बिलियन डॉलर चंदा प्राप्त किया. जबकि ट्रंप के अभियान को केवल 39 मिलियन डॉलर ही मिले. यह हैरिस का अभियान अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा चुनावी अभियान साबित हुआ, हालांकि चुनावी परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा.

ट्रंप की पार्टी ने क्या कहा

चुनावी नुकसान के बावजूद हैरिस की टीम ने चंदा जुटाने का सिलसिला जारी रखा है. हैरिस के अभियान के मुख्य वित्त अधिकारी पैट्रिक स्टॉफर ने दावा किया था कि मतदान तक कोई बकाया बिल या कर्ज नहीं था और आने वाली वित्तीय रिपोर्ट्स में भी कोई कर्ज नहीं होगा. हालांकि अभियान के अंदर वित्तीय स्थिति को लेकर कुछ अस्पष्टताएं बनी हुई हैं और अभी भी कुछ वेंडरों से भुगतान बाकी हैं. इस बीच, डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (DNC) ने स्पष्ट किया कि वह अब हैरिस के अभियान को और चंदा नहीं देंगे. लेकिन उन्होंने पूरी तरह से इस अभियान से पीछे हटने का भी संकेत नहीं दिया है. 

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