हार्ट अटैक से बचाएगी 11 मिनट की ज्यादा नींद और 4 मिनट का वॉक! नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

रोपीय जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक नए शोध के अनुसार, नींद, व्यायाम और खान-पान में किए गए मामूली बदलाव भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को 57% तक कम कर सकते हैं.

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक बड़े शोध ने यह साबित कर दिया है कि स्वस्थ रहने के लिए आपको अपनी पूरी जीवनशैली को रातों-रात बदलने की जरूरत नहीं है. यूरोपीय जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हर दिन थोड़ी अधिक नींद लेना, मामूली शारीरिक गतिविधि और आहार में कुछ अतिरिक्त सब्जियां शामिल करना हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है.

यह अध्ययन यूके बायोबैंक (UK Biobank) के 53,000 से अधिक वयस्कों पर आठ वर्षों तक किए गए शोध पर आधारित है. शोधकर्ताओं ने पाया कि तीन आदतों में मामूली सुधार भी महत्वपूर्ण लाभ दे सकता है. अध्ययन के मुताबिक, अगर आप हर रात केवल 11 मिनट अधिक सोते हैं, साथ ही दिन भर में मात्र 4.5 मिनट की मध्यम-से-तेज शारीरिक गतिविधि करते हैं और अपनी डाइट में एक चौथाई कप अतिरिक्त सब्जियां शामिल करते हैं, तो दिल से जुड़ी बीमारियों (कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स) का खतरा 10 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

57% तक कम हो सकता है खतरा 

यूरोपीय सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी के अनुसार, जो लोग इससे बड़े बदलाव करने में सक्षम हैं, उनके लिए फायदे और भी शानदार रहे. अध्ययन में पाया गया कि 'इष्टतम संयोजन', जिसमें प्रति रात 8 से 9 घंटे की नींद, प्रतिदिन 42 मिनट से अधिक व्यायाम और बेहतरीन आहार शामिल है, उन लोगों की तुलना में गंभीर हृदय रोगों के जोखिम को 57 प्रतिशत तक कम कर देता है जिनकी जीवनशैली सबसे खराब थी.

स्मार्टवॉच और डेटा का कमाल 

शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया. प्रतिभागियों की नींद और व्यायाम के स्तर का विश्लेषण करने के लिए स्मार्टवॉच जैसे पहनने योग्य उपकरणों (wearables) के डेटा का उपयोग किया गया, जबकि खान-पान की आदतों की जानकारी स्वयं प्रतिभागियों द्वारा दी गई. आठ साल की इस अवधि के दौरान, शोधकर्ताओं ने कुल 2,034 प्रमुख हृदय रोगों के मामले दर्ज किए.

विशेषज्ञों की राय: छोटे कदम हैं टिकाऊ 

सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता और इस अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. निकोलस कोमेल ने बताया कि दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में छोटे-छोटे बदलावों का हृदय स्वास्थ्य पर आश्चर्यजनक रूप से बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवनशैली में इस तरह के क्रमिक सुधार करना अधिकांश लोगों के लिए किसी एक बड़े बदलाव की तुलना में अधिक संभव और टिकाऊ है.

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की एमिली मैकग्राथ ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि लोगों को अपनी जिंदगी रातों-रात पलटने की जरूरत नहीं है; नींद, गति और आहार में छोटे बदलाव दिल की सेहत में वास्तविक सुधार ला सकते हैं.

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