Courtesy: AI generated
नई दिल्ली: गूगल ने अपनी एनुअल कॉन्फ्रेंस से पहले एंड्रॉइड शो, आई/ओ संस्करण का लाइवस्ट्रीम किया, जिसमें कंपनी ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए कई नए और एडवांस फीचर्स पेश किए. इन फीचर्स का मकसद यूजर्स की सुरक्षा और प्राइवेसी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है.
कंपनी ने खासतौर पर बैंकिंग स्कैम कॉल्स, फर्जी ऐप्स, फोन चोरी और लोकेशन प्राइवेसी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए नए टूल्स और सिक्योरिटी फीचर्स का ऐलान किया है. गूगल आई/ओ 2026 का आयोजन 19 और 20 मई को होने जा रहा है, जहां इन फीचर्स से जुड़ी और भी जानकारियां सामने आ सकती हैं.
गूगल एक नया स्पूफिंग प्रोटेक्शन फीचर लेकर आ रहा है, जो बैंकिंग फ्रॉड और स्कैम कॉल्स से यूजर्स को बचाने में मदद करेगा. अक्सर साइबर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से अकाउंट डिटेल्स और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं. स्पूफिंग टेक्नोलॉजी की वजह से लोगों को यह कॉल असली बैंक से आने वाली लगती है. गूगल अब ऐसे फर्जी कॉल्स को पहचानकर उन्हें अपने आप डिस्कनेक्ट कर देगा. इसके साथ ही यूजर्स को नोटिफिकेशन मिलेगा कि यह संभवतः एक स्कैम कॉल थी.
कंपनी इस फीचर को बेहतर बनाने के लिए कुछ चुनिंदा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी कर रही है. गूगल के मुताबिक यह फीचर शुरुआत में एंड्रॉइड 11 और उससे ऊपर के डिवाइसों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. कंपनी का लक्ष्य इस साल के अंत तक अधिक बैंकों को इस सिस्टम से जोड़ना है.
गूगल ने अपने लाइव खतरे का पता लगाना फीचर को और विस्तार देने का भी ऐलान किया है. यह फीचर फोन में मौजूद ऐप्स की गतिविधियों पर नजर रखेगा और किसी भी संदिग्ध व्यवहार को तुरंत पहचान सकेगा. इससे साइबर ठगी और खतरनाक ऐप्स पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.
गूगल इसके लिए गतिशील सिग्नल निगरानी नाम की तकनीक का इस्तेमाल करेगी. यह टेक्नोलॉजी ऐप्स के संदिग्ध पैटर्न और गतिविधियों को ट्रैक करेगी. साथ ही एसएमएस फॉरवर्डिंगजैसी एक्टिविटी पर भी नजर रखेगी, जिससे साइबर फ्रॉड को जल्दी पकड़ा जा सकेगा.
गूगल एक और नया सिक्योरिटी फीचर लेकर आ रहा है, जो डिवाइस चोरी होने की स्थिति में फोन को सुरक्षित रखेगा. अगर यूजर अपने फोन को खो देता है, तो चोर फोन का इस्तेमाल तब तक नहीं कर पाएगा, जब तक उसे बायोमेट्रिक तरीके से अनलॉक नहीं किया जाता. यह फीचर एंड्रॉइड 17 डिवाइसों में डिफॉल्ट रूप से ऑन मिलेगा.
गूगल नया प्राइवेसी फीचर भी पेश करने जा रहा है, जिसमें यूजर्स को ऐप्स की लोकेशन एक्सेस पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा. इस फीचर में एक खास बटन दिया जाएगा, जिसकी मदद से कोई भी ऐप केवल उसी समय तक यूजर की सटीक लोकेशन एक्सेस कर सकेगा, जब तक वह ऐप ओपन रहेगा.
गूगल की एनुअल कॉन्फ्रेंस गूगल आई/ओ 2026 का आयोजन 19 और 20 मई को होगा. टेक इंडस्ट्री की नजर इस इवेंट पर टिकी हुई है, जहां एंड्रॉइड और AI से जुड़े कई बड़े ऐलान किए जा सकते हैं.