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'बम-बम भोले' के जयघोष के बीच शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 2026, जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था

भोलेनाथ के जयकारों और असीम धार्मिक उत्साह के बीच गुरुवार को जम्मू से श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया गया है.

Calendar Last Updated : 02 July 2026, 11:39 AM IST
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नई दिल्ली: भोलेनाथ के जयकारों और असीम धार्मिक उत्साह के बीच गुरुवार को जम्मू से श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया गया है. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस जत्थे को रवाना कर वार्षिक तीर्थयात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया. इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बन रहा था और कश्मीर घाटी के बालटाल व पहलगाम आधार शिविरों में 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज उठे.

नेताओं ने दी शुभकामनाएं

इस खास मौके पर भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है. श्रद्धालुओं के बढ़ते उत्साह को देखते हुए उन्होंने यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने की कामना की.

नए रिकॉर्ड की उम्मीद

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा, श्राइन बोर्ड द्वारा की गई व्यापक व्यवस्थाएं यात्रियों को एक सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेंगी. इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सभी वर्षों की तुलना में अधिक हो सकती है और यह यात्रा सफलता के नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकती है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 57 दिनों का शेड्यूल

यात्रा के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं. पहले जत्थे के रवाना होने से कुछ घंटे पहले ही सीआरपीएफ (CRPF) की 137वीं बटालियन और के-9 (डॉग स्क्वाड) इकाई ने उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह सैनिटाइज किया. इस वर्ष यह पवित्र यात्रा 57 दिनों तक चलेगी. मुख्य यात्रा 3 जुलाई से एक साथ दो मार्गों से शुरू हो रही है. गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग, जो छोटा लेकिन बेहद कठिन माना जाता है. इस यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर होगा.

अमरनाथ यात्रा 2026 की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं

पहली बार बिजली की व्यवस्था: इस साल का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बालटाल से पवित्र गुफा तक के रास्ते में बिजली और लाइट की व्यवस्था की गई है. इससे रात के समय और खराब मौसम में भी यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. चढ़ाई के दौरान होने वाली दिक्कतों को कम करने के लिए पैदल रास्तों को चौड़ा और सुगम बनाया गया है. पोनी, पालकी और पोर्टर के लिए प्री-पेड बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे यात्रियों से तय किराए से अधिक पैसे वसूलने की समस्या खत्म होगी.

30 जून से शुरू हो चुका

बालटाल, नुनवान, श्रीनगर और चंदरकोट के यात्री निवासों की क्षमता बढ़ाई गई है. जम्मू का भगवती नगर यात्री निवास 30 जून से शुरू हो चुका है, जहां 2,500 श्रद्धालु एक साथ ठहर सकते हैं. जम्मू के तवी रिवरफ्रंट पर एक नया एकीकृत केंद्र बनाया गया है, जहां रजिस्ट्रेशन, मेडिकल चेकअप, हेल्थ सर्टिफिकेट और दस्तावेजों की जांच जैसी सभी प्रक्रियाएं एक ही छत के नीचे पूरी हो सकेंगी, जिससे यात्रियों के समय की भारी बचत होगी.

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