नई दिल्ली: गुरुवार को भारत बंद रहेगा. किसान संगठनों के सपोर्ट से सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने देश भर में हड़ताल का आह्वान किया है. इस विरोध प्रदर्शन से कई राज्यों में बैंकिंग सर्विसेज़, ट्रांसपोर्ट, सरकारी ऑफिस और रोजाना के पब्लिक कामों पर असर पड़ने की उम्मीद है. 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के एक जॉइंट प्लेटफॉर्म ने हड़ताल की पुष्टि की है. ऑर्गनाइजर ने दावा किया है कि 300 मिलियन से ज़्यादा वर्कर इसमें हिस्सा ले सकते हैं, जिससे यह हाल के सालों में सबसे बड़े कोऑर्डिनेटेड लेबर एक्शन में से एक बन जाएगा. यह हड़ताल आम लोगों के लिए एक बड़ी दिक्कत बन सकती है. आइए जानते हैं कि क्या खुला रहेगा और क्या बंद.
यह हड़ताल सरकार के लेबर रिफॉर्म्स और दूसरी इकोनॉमिक पॉलिसीज का विरोध करने के लिए बुलाई गई है. यूनियनों ने कहा है कि ये वर्कर सिक्योरिटी को कमज़ोर करते हैं. नेताओं ने कहा है कि इन चार नए लेबर कोड ने जॉब सिक्योरिटी को कमज़ोर किया है, सेफगार्ड्स को कमजोर किया है. हायरिंग और फायरिंग में एम्प्लॉयर की फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाया है.
CITU, AITUC, INTUC, HMS, AICCTU, LPF और UTUC समेत बड़ी ट्रेड यूनियनों ने इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. किसान नेताओं ने दावा किया है कि खेती-बाड़ी के सामान का बढ़ता इंपोर्ट घरेलू प्रोड्यूसर को कमजोर कर सकता है, जिससे खेती-बाड़ी सेक्टर को नुकसान हो सकता है. किसान संगठनों का सपोर्ट मिलने से यह आसान होगा.
कौन सी सर्विस पर असर पड़ेगा
इस हड़ताल से ब्रांच लेवल की सर्विस जैसे डिपॉजिट, विड्रॉल और चेक क्लियरेंस पर असर पड़ सकता है. सरकारी बैंकों में स्टाफ कम होने की उम्मीद है, लेकिन डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म, ATM और प्राइवेट बैंक चालू रह सकते हैं.