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अयोध्या में दिवाली की खास तैयारी, राम लला की वापसी के बाद पहली बार सजेगा राम मंदिर

राम जन्मभूमि अयोध्या में दिवाली के लिए खास तैयारी की जा रही है. इस साल अयोध्या के लोगों के लिए एक बार फिर काफी खास दिवाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि राम लला की वापसी के बाद पहली बार राम मंदिर में दीपावली मनाई जाएगी.

Calendar Last Updated : 29 October 2024, 09:01 AM IST
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Diwali In Ayodhya 2024: दिवाली का त्योहार शुरू हो चुका है. आज देश भर में धनतेरस मनाया जा रहा है. जिसके बाद कल छोटी दिवाली और फिर दीपावली मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में दिवाली का काफी महत्व बताया जाता है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस दिन भगवान राम ने अपना 14 साल का वनवास पूरा किया था.

इसी दिन भगवान राम अपनी पत्नी माता सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ लंकापति रावण का बध करके अपनी अयोध्या नगरी में वापस लौटे थे. उनकी वापसी के कारण अयोध्या में खुशी का माहौल था . अयोध्यावासियों ने भगवान के स्वागत के लिए पूरी अयोध्या नगरी को घी के दीपक से सजाया था. 

राम मंदिर बनने के बाद पहली दिवाली

भगवान राम के आने पर पहली बार अयोध्या के लोगों ने दीवाली का त्योहार मनाया था. जिसके बाद इस दिन को दिवाली के रूप में मनाया जाने लगा. पूरे देश में इस त्योहार पर खास तैयारी की जाती है. हालांकि राम जन्मभूमि अयोध्या में इस दिन को और भी भव्य तरीके से मनाया जाता है. इस साल अयोध्या के लोगों के लिए एक बार फिर काफी खास दिवाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि राम लला की वापसी के बाद पहली बार राम मंदिर में दीपावली मनाई जाएगी. इस मौके पर सरकार की ओर से भी खास तैयारी की गई है. 

सरयु तट जलेंगे 28 लाख दीये

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को दिवाली के मौके पर खास तरीके से सजाने का आदेश दिया है. इस मौके पर सरयु के तट पर 28 लाख दीये जलाए जाने की तैयारी है. इस बार सीएण योगी दीपोत्सव के आठवें संस्करण को मनाने वाले हैं. जिसके लिए विशेष तैयारी की गी है. सरकार की ओर से इको फ्रेंडली दिवाली मनाने पर जोर दिया गया है. इस मौके पर राम मंदिर में जलाए जाने वाले दीये को इस तरीके से तैयारी किया गया है कि वो लंबे समय तक जलते रहें और उसके निशान भी कहीं नहीं पड़ेंगे. इन दीयों को ऐसे खास वैक्स से तैयार किया गया है जिससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा. 

मंदिर ट्रस्ट ने क्या कहा

मंदिर ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि इस बार अयोध्या को भक्ति का केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है. हमारी कोशिश है कि अयोध्या स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी एक अच्छा उदाहरण बन पाए. उन्होंने बताया कि सरयू नदी के 55 तटों पर खास तरीके से दीये जलाएं जाएंगे. उन्होंने बताया कि लगभग 80 हजारे दीये की मदद से स्वास्तिक का चिन्ह बनाया जाएगा. इसके लिए 30,000 से ज्यादा वॉलंटियर्स मिलकर काम करेंगे. 30 अक्टूबर के दिन 28 लाख दिये को जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी है. 

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