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Fuel Price Hike: आम जनता पर दोहरी मार, पेट्रोल-डीजल के बाद CNG महंगी

पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. दिल्ली-एनसीआर में CNG के दाम फिर बढ़ गए हैं, जिससे ऑटो, टैक्सी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किराया भी महंगा हो सकता है.

Calendar Last Updated : 23 May 2026, 12:02 PM IST
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नई दिल्ली: देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी (CNG) भी महंगी हो गई है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने शनिवार को सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी, जिससे दिल्ली-एनसीआर में लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है.

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसका असर अब भारत के घरेलू ईंधन बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है. पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब सीएनजी की कीमतों में इजाफा किया गया है.

दिल्ली में पहली बार 80 रुपये के पार CNG

नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी का दाम पहली बार 80 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर गया है. इससे पहले 15 मई को सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी.

दिल्ली-एनसीआर में CNG के नए रेट

  • दिल्ली: 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम
  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद: 89.70 रुपये प्रति किलोग्राम
  • गुरुग्राम: 86.12 रुपये प्रति किलोग्राम

ऑटो और कैब किराया बढ़ने की आशंका

सीएनजी की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने की संभावना है. दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी और बसें सीएनजी पर चलती हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में ऑटो और कैब किराए में बढ़ोतरी हो सकती है.

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं. मिडिल ईस्ट संकट से पहले कच्चा तेल 70 से 72 डॉलर प्रति बैरल के बीच था, लेकिन युद्ध के दौरान यह 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. फिलहाल कीमतें 104 से 110 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी हुई हैं.

भारत का क्रूड ऑयल बास्केट, जो फरवरी में करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, अब बढ़कर औसतन 113 से 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है.

टैक्सी यूनियनों का बढ़ा विरोध

ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी यूनियन और कमर्शियल ड्राइवरों का विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गया है. कई परिवहन संगठनों ने सरकार से बढ़े हुए दाम वापस लेने और टैक्सी किराए में संशोधन की मांग की है.

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