नई दिल्ली: पूर्व रेल मंत्री लालू यादव को दिल्ली अदालत से बड़ा झटका लगा है. लालू प्रसाद यादव को 'लैंड फॉर जॉब स्कैम' मामले में राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को लालू यादव, उनके परिवार और अन्य प्रमुख लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया है. कोर्ट का कहना है कि लालू और उनके परिवार की ओर से व्यापक साजिश रची गई थी. चार्जशीट में बताया गया जा रहा है कि लालू यादव के करीबी सहयोगियों ने नौकरियों के बदले जमीन लेने में सह-साजिश की थी. अब इसे लेकर कोर्ट ने एक्शन लिया है, कोर्ट ने यह भी कहा कि लालू यादव और उनके परिवार की बरी करने की मांग सही नहीं है.
इस पूरे मामले में दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कहा कि आरजेडी प्रमुख लालू यादव और उनका परिवार एक आपराधिक गिरोह के रूप में काम कर रहा था. अदालत ने 'लैंड फॉर जॉब स्कैम' घोटाले के संबंध में उन पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया था. सबूतों से यह संकेत मिलता है कि उन्होंने सरकारी पद का दुरुपयोग कर आपराधिक तरीके से काम किया था. चार्जशीट में स्पष्ट रूप से नौकरी के बदले जमीन अधिग्रहण का जिक्र है.
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— Bar and Bench (@barandbench) January 9, 2026
Delhi court frames criminal charges against Lalu Prasad Yadav, Rabri Devi, Tejashwi Yadav, Tej Pratap Yadav, Misa Bharti and several others in the alleged Railways land-for-jobs scam. @laluprasadrjd @RabriDeviRJD @RJDforIndia @CBIHeadquarters pic.twitter.com/uKFVJL1ybf
इस मामले में कुछ लोग नहीं बल्कि बहुत से लोग शामिल थे. मामले में लालू परिवार समेत कुल 93 लोग आरोपी थे. अदालत ने 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं 13(1)(डी) और 13(2) के तहत मुकदमा चलेगा. वहीं, 52 आरोपियों को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया है.
इस फैसले से स्पष्ट है कि लालू परिवार की कानूनी लड़ाई लंबी खिंचने वाली है. मुख्य आरोपियों सहित 41 लोगों पर अब ट्रायल चलेगा, जिससे घोटाले की जांच और कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है.