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Mohali: कर्नल मनप्रीत सिंह के वतन पर कुर्बान होने के बाद गांव में मातम का महौल, पत्नी-बच्चे जानकारी से वंचित

Mohali: पंजाब के मोहाली जिले के गांव भड़ौंजिया के रहने वाले कर्नल मनप्रीत सिंह जिनकी उम्र 41 है. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान वे शहीद हो गए हैं. उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल हो गया है. इसके साथ ही गांव वालों की आंखें […]

Calendar Last Updated : 14 September 2023, 12:43 PM IST
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Mohali: पंजाब के मोहाली जिले के गांव भड़ौंजिया के रहने वाले कर्नल मनप्रीत सिंह जिनकी उम्र 41 है. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान वे शहीद हो गए हैं. उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम का माहौल हो गया है. इसके साथ ही गांव वालों की आंखें नम देखने को मिल रही है. प्रत्येक व्यक्ति उनकी बहादुरी के बारे में चर्चा कर रहा है.

परिजनों का बयान

कर्नल के परिजनों का कहना है कि मनप्रीत अपने जीवन में साहस से कार्य करते आए हैं. अथवा दुश्मनों को मुंह तोड़ जबाव भी देते आए हैं. उनकी इसी बहादुरी को देखते हुए भारतीय सेना ने उन्हें सेना मेडल से अलंकृत भी किया था. परिवार के लोग कहते हैं कि, उनके बेटे की मौत की बात सुनकर मां मनजीत कौर ने रो-रोकर अपना बुरा हाल कर लिया है. उनका कहना है कि मनप्रीत बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे. वहीं उनकी पढ़ाई- लिखाई मुल्लांपर स्थित केंद्रीय विद्यालय में पूरी हुई थी.

कर्नल की पत्नी है शिक्षिका

शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की पत्नी जगमीत कौर मुख्य रूप से शिक्षिका हैं. जबकि वह 7 वर्ष के बेटे कबीर व ढाई वर्ष की बेटी वाणी को लेकर पंचकूला में रहती हैं. वहीं कर्नल मनप्रीत का ससुराल भी पंचकूला में मौजूद है. परिजनों का कहना है कि अब तक पत्नी जगमीत कौर को पति के शहीद होने की बात नहीं बताई गई है.

कर्नल मनप्रीत सिंह से जुड़ी बातें

आपको बता दें कि मनप्रीत साल 2003 में सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बन गए थे. इसके बाद साल 2005 में उन्हें कर्नल के पद पर तैनात कर दिया गया था. जिसके उपरांत उन्होंने देश के दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे. साथ ही भारतीय सेना के कई अभियानों का नेतृत्व भी उनके द्वारा किया गया है. वहीं उनके छोटे भाई संदीप सिंह का कहना है कि कर्नल मनप्रीत सिंह साल 2019-2021 तक सेना में सेकंड इन कमांड के तौर पर कार्यरत थे. जिसके बाद उन्हें कमांडिंग अधिकारी के तौर पर तैनात कर दिया गया था.

कर्नल मनप्रीत की शहादत

परिजनों का कहना है कि बीते बुधवार की शाम लगभग 5 बजकर 30 मिनट पर सेना की तरफ से उन्हें कर्नल मनप्रीत सिंह के शहीद होने की जानकारी मिली, और बताया गया कि गुरुवार की शाम 4 बजे तक कर्नल मनप्रीत का मृतक शरीर मोहाली पहुंचा दिया जाएगा. वहीं ये परिवार की तीसरी पीढ़ी के तौर पर देश की सेवा कर रहे थे. इससे पूर्व भी उनकी दो पीढ़ी देश के सरहद की सेवा कर चुके हैं.

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