'वह जानते थे मैं खुश नहीं हूं' भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप, दिए संकेत

डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बाद अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभाला है, तब से वह भारत के टैरिफ को लेकर हर दम चर्चा में रहे हैं. अब एक बार फिर से वह भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं. 

Date Updated
फॉलो करें:
Courtesy: @narendramodi X account

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बाद अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभाला है, तब से वह भारत के टैरिफ को लेकर हर दम चर्चा में रहे हैं. अब एक बार फिर से वह भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं. उन्होंने इसे लेकर भारत को ताजा चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'जानते थे कि वह खुश नहीं हैं'. यह चेतावनी भारत द्वारा रूस से लगातार तेल खरीदने को लेकर दी गई है. 

ट्रम्प ने क्या कहा?

रविवार को एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि,'प्रधानमंत्री मोदी अच्छे और नेक इंसान हैं. उन्हें पता था कि मैं इस बात से खुश नहीं हूं. उन्हें मुझे खुश करना जरूरी था. वे व्यापार करते हैं और हम बहुत जल्दी उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं.' 

पहले भी बढ़ चुके हैं टैरिफ

पिछले साल ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर टैरिफ नीति को और सख्त कर दिया था. ट्रंप ने भारत पर 25% पारस्परिक टैरिफ लगाया गया था. वहीं रूसी तेल खरीदने पर भी 25% अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया था. 

इस तरह कुछ उत्पादों पर कुल शुल्क 50% तक पहुंच गया. इस फैसले से भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था.

फोन कॉल के बाद आई नई धमकी

ट्रम्प की यह ताजा चेतावनी प्रधानमंत्री मोदी से हुई टेलीफोन बातचीत के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आई है. उस बातचीत में दोनों नेताओं ने टैरिफ विवाद के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था. उसी दिन दोनों देशों के अधिकारियों के बीच टैरिफ विवाद सुलझाने के लिए नई बातचीत भी शुरू हुई थी.

भारतीय चावल पर भी सवाल

फोन कॉल से कुछ दिन पहले व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान, एक अमेरिकी किसान प्रतिनिधि ने भारत, चीन और थाईलैंड पर चावल की डंपिंग का आरोप लगाया था. इस पर ट्रंप ने भारतीय चावल पर भी नए टैरिफ लगाने की बात कही थी. ट्रंप का मानना है कि टैरिफ से समस्या दो मिनट में हल हो जाती है. 

क्यो अटकी है बातचीत?

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत फिलहाल अटकी हुई है. अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे. वहीं भारत अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को नुकसान से बचाने पर अड़ा हुआ है. 

Tags :