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पंजाब में दिग्गज मैराथन धावक फौजा सिंह की हिट-एंड-रन मामले में NRI गिरफ्तार, कोर्ट में आज होगी पेशी

पंजाब पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए 30 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. 30 वर्षीय अनिवासी भारतीय (एनआरआई) अमृतपाल सिंह ढिल्लों को मंगलवार देर रात हिरासत में लिया गया.

Calendar Last Updated : 16 July 2025, 09:49 AM IST
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Fauja Singh: पंजाब के जालंधर में सोमवार को एक दुखद हादसे ने सभी को झकझोर दिया. विश्व प्रसिद्ध मैराथन धावक फौजा सिंह जिन्हें पगड़ीधारी बवंडर के नाम से जाना जाता था, की एक हिट-एंड-रन दुर्घटना में मौत हो गई. 114 वर्षीय फौजा सिंह अपने पैतृक गांव ब्यास में सड़क पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी. इस घटना ने खेल जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ा दी.

पंजाब पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए 30 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. 30 वर्षीय अनिवासी भारतीय (एनआरआई) अमृतपाल सिंह ढिल्लों को मंगलवार देर रात हिरासत में लिया गया. पुलिस ने घटना में शामिल फॉर्च्यूनर एसयूवी को भी बरामद कर लिया. ढिल्लों को भोगपुर पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जहाँ उनसे पूछताछ जारी है. पुलिस ने बताया कि उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की माँग की जा सकती है.

वाहन की पहचान और जांच 

पुलिस ने घटना के बाद संदिग्ध वाहनों की सूची तैयार की थी. मंगलवार शाम को एक फॉर्च्यूनर एसयूवी की पहचान की गई, जो कपूरथला निवासी वरिंदर सिंह के नाम पर पंजीकृत थी. जालंधर पुलिस की एक टीम ने तुरंत वरिंदर से पूछताछ की. वरिंदर ने बताया कि उसने यह गाड़ी दो साल पहले अमृतपाल सिंह ढिल्लों को बेच दी थी. ढिल्लों हाल ही में कनाडा से भारत लौटे थे. पुलिस ने ढिल्लों को उनके पैतृक गांव करतारपुर से हिरासत में लिया. प्रारंभिक पूछताछ में ढिल्लों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की. उसने बताया कि वह मुकेरियां से अपना फोन बेचकर लौट रहा था, तभी ब्यास पिंड के पास उसकी गाड़ी एक बुजुर्ग व्यक्ति से टकरा गई. ढिल्लों ने दावा किया कि उसे उस समय नहीं पता था कि मृतक फौजा सिंह थे. बाद में समाचारों के माध्यम से उसे इस दुखद घटना का पता चला. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद ढिल्लों जालंधर शहर छोड़कर कई गाँवों से होते हुए करतारपुर पहुंचने की कोशिश कर रहा था.

फौजा सिंह: एक प्रेरणा 

फौजा सिंह ने अपने जीवनकाल में कई रिकॉर्ड बनाए. 100 साल की उम्र में भी मैराथन दौड़ने वाले फौजा दुनिया भर में प्रेरणा का स्रोत थे. उनकी सादगी और जज्बे ने लाखों लोगों का दिल जीता. लेखक खुशवंत सिंह ने उनकी मृत्यु की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरा पगड़ीधारी टॉरनेडो अब नहीं रहा. मेरे प्यारे फौजा, आपकी आत्मा को शांति मिले. यह हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ, जब फौजा अपने गाँव में सड़क पार कर रहे थे. फौजा सिंह की मृत्यु से स्थानीय समुदाय और उनके प्रशंसकों में गहरा दुख है. उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा. पुलिस इस मामले की गहन जाँच कर रही है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके.

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