नई दिल्ली: चेन्नई की एक उपभोक्ता अदालत ने लक्जरी होटल द लीला पैलेस उदयपुर को एक दंपत्ति की निजता के उल्लंघन का दोषी ठहराया है. अदालत ने होटल को दंपत्ति को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह मामला होटल में ठहरने के दौरान हुई एक कथित घटना से जुड़ा है, जिसे अदालत ने गंभीर माना.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चेन्नई निवासी इस दंपत्ति ने आरोप लगाया कि जब वे अपने होटल के कमरे के वॉशरूम में थे, उसी समय होटल के हाउसकीपिंग स्टाफ ने मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर कमरे में प्रवेश कर लिया था.
दंपत्ति ने बताया कि वह वॉशरूम में थे जब यह घटना हुई. उन्होंने बताया कि दंपत्ति ने अंदर से “नो सर्विस” चिल्लाकर बताया, इसके बावजूद कर्मचारी कमरे में आ गया और वॉशरूम के टूटे दरवाजे से अंदर झांका. इस घटना से उन्हें हिलाकर रख दिया. इसके बाद दंपत्ति को मानसिक तनाव और असहज स्थिति से गुजरना पड़ा.
यह शिकायत चेन्नई (उत्तर) जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में दर्ज कराई गई थी. शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 26 जनवरी 2025 को एक दिन के लिए होटल में ठहरने के लिए करीब 55,500 रुपये का भुगतान किया था. घटना के बाद उन्होंने होटल रिसेप्शन को तुरंत जानकारी दी, लेकिन वहां से उन्हें किसी भी प्रकार की संतोषजनक सहायता नहीं मिली.
आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि किसी भी अतिथि की अनुमति के बिना कमरे में प्रवेश करना किसी अपराध से कम नहीं है साथ ही उनकी निजता का भी उल्लंघन है. साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया कि होटल की आंतरिक प्रक्रियाएं अतिथि के मौलिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकतीं.
आयोग ने होटल को निर्देश दिया कि वह कमरे का किराया ब्याज सहित वापस करें और मुकदमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपये अलग से दे. इसके साथ ही कुल 10 लाख रुपये का मुआवजा दो महीने के भीतर भुगतान करने का भी आदेश दिया गया.
द लीला पैलेस उदयपुर ने इस मामले में किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है. होटल का कहना है कि कमरे के बाहर “डू नॉट डिस्टर्ब” का साइन नहीं लगा था और स्टाफ ने डोरबेल बजाने के बाद ही कमरे में प्रवेश किया. होटल के अनुसार, जैसे ही कर्मचारी को पता चला कि मेहमान वॉशरूम में हैं, वह तुरंत बाहर निकल गया.
होटल ने यह भी कहा कि दंपत्ति को दिया गया माफीनामा केवल सद्भावना के तौर पर था, न कि गलती स्वीकार करने के रूप में. अपने बयान में होटल प्रबंधन ने कहा कि अतिथियों की निजता, सुरक्षा और सम्मान उनके लिए पहली प्राथमिकता है और वे भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पूरी तरह से सचेत रहेंगे.