नई दिल्ली: मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को 'जना नायकन' के निर्माताओं के पक्ष में फैसला सुनाया. न्यायलय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को विजय अभिनीत फिल्म 'जना नायकन' के लिए 'यू/ए 16+' सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया. यह फिल्म विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसे वे राजनीति में पूर्णकालिक कदम रखने से पहले रिलीज कर रहे हैं.
साउथ के अभिनेता विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर लंबे विवाद के बाद अब फिल्म को यूए सर्टिफिकेट दे दिया गया है. कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को आदेश दिया कि फिल्म में आवश्यक संशोधन करने के बाद प्रमाण पत्र तुरंत जारी किया जाए. खबरों के अनुसार, फिल्म की रिलीज़ डेट आज तय की गई थी, लेकिन उसे टाल दी गया.
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— Ashish Singh (@AshishSinghKiJi) January 9, 2026
TVK President Vijay fans celebrate because High court of Madras give to verdict and direct CBFC to issue Certificate to Flim #JanaNayaganCensor #ThalapathyVijay𓃵pic.twitter.com/VGsNV1HnuL
बता दें जस्टिस पीटी आशा ने अपना आदेश सुनाते हुए सेंसर बोर्ड की आलोचना कि और कहा इस तरह की शिकायतों पर विचार करना खतरनाक हो सकता है साथ ही जांच में यह भी साफ हो जाता है कि शिकायतकर्ता की ये शिकायत बाद में सोची समझी लगती है.
इन सभी विवादों से पहले फिल्म निर्माताओं ने 9 जनवरी को रिलीज की योजना बनाई थी, लेकिन सीबीएफसी से प्रमाण पत्र न मिलने के कारण रिलीज को स्थगित करनी पड़ी. बोर्ड ने फिल्म में कुछ कट और संवाद म्यूट करने के सुझाव दिए थे. इसके बाद निर्माताओं ने अदालत का रुख किया.
बता दें रिलीज को टालने के कारण फिल्म को काफी नुकसान सहना पड़ रहा है. फिल्म के टिकट की पहले से ही बुकिंग हो गई थी लेकिन रिलीज पोस्टपोंड होने के कारण अब दर्शकों को उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं. निर्माता ने अपने एक्स अकाउंट पर दर्शकों को धैर्य बनाए रखने का आनुरोध किया है. साथ ही खातों में उनके पैसे भी वापस कर दिए जाएंगे. अभी धनवापसी की प्रक्रिया जारी है.