'जन नायकन' रिलीज को मिली हरी झंडी, कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को लगाई फटकार, मिलेगा यूए सर्टिफिकेट

मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को 'जना नायकन' के निर्माताओं के पक्ष में फैसला सुनाया. न्यायलय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को विजय अभिनीत फिल्म 'जना नायकन' के लिए 'यू/ए 16+' सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया.

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नई दिल्ली: मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को 'जना नायकन' के निर्माताओं के पक्ष में फैसला सुनाया. न्यायलय ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को विजय अभिनीत फिल्म 'जना नायकन' के लिए 'यू/ए 16+' सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया. यह फिल्म विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसे वे राजनीति में पूर्णकालिक कदम रखने से पहले रिलीज कर रहे हैं.

सेंसरबोर्ड ने जारी किया सर्टिफिकेट

साउथ के अभिनेता विजय की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर लंबे विवाद के बाद अब फिल्म को यूए सर्टिफिकेट दे दिया गया है. कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को आदेश दिया कि फिल्म में आवश्यक संशोधन करने के बाद प्रमाण पत्र तुरंत जारी किया जाए. खबरों के अनुसार, फिल्म की रिलीज़ डेट आज तय की गई थी, लेकिन उसे टाल दी गया.

सोची समझी शिकायत

बता दें जस्टिस पीटी आशा ने अपना आदेश सुनाते हुए सेंसर बोर्ड की आलोचना कि और कहा  इस तरह की शिकायतों पर विचार करना खतरनाक हो सकता है साथ ही जांच में यह भी साफ हो जाता है कि शिकायतकर्ता की ये शिकायत बाद में सोची समझी लगती है. 

9 जनवरी को थी रिलीज डेट 

इन सभी विवादों से पहले फिल्म निर्माताओं ने 9 जनवरी को रिलीज की योजना बनाई थी, लेकिन सीबीएफसी से प्रमाण पत्र न मिलने के कारण रिलीज को स्थगित करनी पड़ी. बोर्ड ने फिल्म में कुछ कट और संवाद म्यूट करने के सुझाव दिए थे. इसके बाद निर्माताओं ने अदालत का रुख किया.

खातों में पहुचेंगे पैसे 

बता दें रिलीज को टालने के कारण फिल्म को काफी नुकसान सहना पड़ रहा है. फिल्म के टिकट की पहले से ही बुकिंग हो गई थी लेकिन रिलीज पोस्टपोंड होने के कारण अब दर्शकों को उनके पैसे वापस किए जा रहे हैं. निर्माता ने अपने एक्स अकाउंट पर दर्शकों को धैर्य बनाए रखने का आनुरोध किया है. साथ ही खातों में उनके पैसे भी वापस कर दिए जाएंगे. अभी धनवापसी की प्रक्रिया जारी है. 

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