नई दिल्ली: क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले एक बहुत बड़ी खबर आ रही है. बांग्लादेश सरकार और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर इस मेगा इवेंट का बहिष्कार करने का फैसला किया है. इस फैसले ने न केवल ICC बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया है. ढाका में खिलाड़ियों और खेल सलाहकार के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मीटिंग के बाद यह साफ हो गया है कि बांग्लादेशी टीम भारत की यात्रा नहीं करेगी.
गुरूवार शाम करीब 4:37 बजे खेल सलाहकार आसिफ नजरुल और राष्ट्रीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों के बीच हुई लंबी बैठक खत्म हुई. मीटिंग का मकसद बॉयकॉट के फैसले पर फिर से सोचना था. इस चर्चा के बाद सरकार और बोर्ड अपने रुख पर अडिग रहे. आसिफ नजरुल ने साफ कर दिया कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है. मौजूदा परिस्थितियों में टीम को इंडिया नहीं भेजी जा सकता.
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए आसिफ नजरुल ने कहा कि हम सभी वर्ल्ड कप खेलना चाहते थे, लेकिन भारत में सुरक्षा का खतरा टला नहीं है. अफसोस की बात है कि ICC वास्तविक समस्या पर स्टैंड लेने के बजाय केवल अपने मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल की रट लगा रहा है. उनका कहना है कि वह खेलने को तैयार हैं, लेकिन श्रीलंका में ही खेलेंगे.
बांग्लादेश की इस जिद ने आईसीसी को मुश्किल में डाल दिया है. टूर्नामेंट शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है और शेड्यूल में बदलाव करना लगभग असंभव है. कुछ लोगों का कहना है कि यदि बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर अपना नाम वापस लेता है, तो आईसीसी स्टैंडबाय टीम के रूप में स्कॉटलैंड को न्योता दे सकती है. बांग्लादेश के हटने से ब्रॉडकास्टर्स और प्रायोजकों को करोड़ों का नुकसान हो सकता है, क्योंकि एशियाई देशों के बीच होने वाले मैचों की व्यूअरशिप सबसे ज्यादा होती है.
बांग्लादेश का आरोप है कि भारत में उनके खिलाड़ियों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं गंभीर हैं. उन्होंने आईसीसी से गुहार लगाई थी कि उनके ग्रुप चरण के सभी मैचों को सह-मेजबान श्रीलंका शिफ्ट कर दिया जाए. हालांकि, भारत और आईसीसी ने इन दावों को खारिज करते हुए पुख्ता सुरक्षा का आश्वासन दिया था.