नई दिल्ली: विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर कैलाश दीपक अस्पताल द्वारा आज अस्पताल के लेक्चर हॉल में एक विशेष CME का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अस्थमा के प्रति जागरूकता फैलाना और आधुनिक उपचार पद्धतियों से लोगों को अवगत कराना था.
इस सत्र में चिकित्सा पेशेवरों के साथ-साथ स्थानीय सोसायटियों के निवासियों, आरडब्ल्यूए (RWA) अध्यक्षों, सचिवों और अस्पताल में उपचाराधीन अस्थमा के मरीजों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
कार्यक्रम के दौरान शहर के जाने-माने चेस्ट विशेषज्ञों ने अस्थमा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी:
• डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय (पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन) ने "ब्रोंकियल अस्थमा को समझना" विषय पर चर्चा करते हुए इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जोर दिया.
• डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता (सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन) ने "एक्यूट अस्थमा का प्रबंधन" विषय पर बोलते हुए बताया कि अस्थमा के अचानक हमले (Attack) के दौरान स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जाए.
• डॉ. लवलीन शर्मा (कंसल्टेंट, पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन) ने "इनहेलर और अन्य उपकरण" विषय पर व्यावहारिक जानकारी साझा की और सही तकनीक के महत्व को समझाया.
इस महत्वपूर्ण चर्चा की अध्यक्षता इंटरनल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञों डॉ. रजत जैन, डॉ. एल. रामचंद्रन और डॉ. दीप्ति चौधरी द्वारा की गई. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि अस्थमा से डरने की जरूरत नहीं है; सही समय पर निदान और इनहेलर के सही इस्तेमाल से मरीज पूरी तरह सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकता है.
सत्र की खास बात इसका संवादात्मक होना रही, जहाँ आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और मरीजों ने सीधे विशेषज्ञों से सवाल किए और अपनी शंकाओं को दूर किया. डॉक्टरों ने इनहेलर के उपयोग को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया और बताया कि यह उपचार का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है.
कार्यक्रम के अंत में अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने सभी आगंतुकों को धन्यवाद दिया.
कैलाश दीपक अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए समय-समय पर इस तरह के शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, ताकि आम जनमानस को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सशक्त बनाया जा सके.