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असम: हिमंता बिस्वा सरमा आज यानी मंगलवार को एक बार फिर असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. NDA सरकार लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता संभालने जा रही है, जबकि सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य. सुबह 11:40 बजे उन्हें और नई मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.
इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे. गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान में होने वाले इस समारोह के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं.
हिमंता बिस्वा सरमाने जानकारी दी कि उनके साथ चार मंत्री भी शपथ लेंगे. इनमें दो मंत्री भाजपा से होंगे, जबकि एक-एक मंत्री सहयोगी दल असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट से शामिल होंगे. यह असम में NDA सरकार का तीसरा कार्यकाल होगा. साथ ही सरमा राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन जाएंगे, जो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभालेंगे.
मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सरमा ने वरिष्ठ भाजपा नेता रणजीत कुमार दास को असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए NDA का उम्मीदवार घोषित किया है. दास इससे पहले 2016 में NDA सरकार बनने के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं. बाद में उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी.
हिमंता बिस्वा सरमा ने नई टीम पर भरोसा जताते हुए कहा, मेरी ओर से उन सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. हम सब मिलकर एक मजबूत, अधिक विकसित और समृद्ध असम के लिए पूरी लगन से काम करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि नई सरकार राज्य के विकास और समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी.
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना है. भाजपा और NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. इसके अलावा मिजोरम के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल होंगे. समारोह स्थल पर हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. अलग-अलग अतिथियों के लिए कई विशेष मंच तैयार किए गए हैं.
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में NDA ने 126 सदस्यीय विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. भाजपा ने 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 10-10 सीटें मिलीं. वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को केवल 19 सीटों से संतोष करना पड़ा.