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ग्रेटर नोएडा में पाइपलाइन में आ रहा है 'गंदा पानी', एक हफ्ते में दूसरी बार बीमार हुए हजारों लोग

ग्रेटर नोएडा के अल्फा 2 सेक्टर में रहने वाले लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. घरों में सप्लाई हो रहा पानी दूषित बताया जा रहा है, जिसकी वजह से कई परिवारों के लोग बीमार पड़ गए हैं.

Calendar Last Updated : 16 January 2026, 03:45 PM IST
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ग्रेटर नोएडा के अल्फा 2 सेक्टर में रहने वाले लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. घरों में सप्लाई हो रहा पानी दूषित बताया जा रहा है, जिसकी वजह से कई परिवारों के लोग बीमार पड़ गए हैं. पिछले कुछ दिनों में उल्टी पेट दर्द और कमजोरी की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी पीने या खाना बनाने लायक नहीं रह गया है. यह मामला इसलिए और गंभीर हो गया है क्योंकि ठीक एक हफ्ते पहले पास के डेल्टा 1 सेक्टर में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई थी. 
 
वहां भी कई लोग बीमार हुए थे और दूषित पानी को इसका कारण बताया गया था. अब अल्फा 2 में भी वही हालात बनते दिख रहे हैं. लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक सेक्टर की नहीं बल्कि पूरी इलाके की समस्या बनती जा रही है.

अल्फा 1 सेक्टर से भी आई शिकायतें

गुरुवार को अल्फा 1 सेक्टर के निवासियों ने भी नलों से काला और गंदा पानी आने की शिकायत की गई है. कई परिवारों ने बताया कि पानी से तेज बदबू आ रही थी और उसका रंग भी सामान्य नहीं था. इसके बाद लोगों ने एहतियात के तौर पर पीने और खाना बनाने के लिए नल का पानी इस्तेमाल करना बंद कर दिया. कुछ परिवारों को बाहर से पानी मंगाना पड़ा.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

निवासियों ने अपनी परेशानी सोशल मीडिया के जरिए भी सामने रखी है. कई लोगों ने वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें घरों की पाइपलाइनों से गंदा पानी बहता साफ दिखाई दे रहा है. इन वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गया है. सोशल मीडिया पर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही है. 

अल्फा 2 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि गुरुवार को एक मेडिकल टीम ने सेक्टर के चार से पांच घरों का दौरा किया. इस दौरान कई लोग बीमार पाए गए. इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि पानी की सप्लाई सुरक्षित नहीं है.

पहले मेडिकल कैंप में सामने आए थे 70 मरीज

RWA प्रमुख सुभाष भाटी के अनुसार इससे पहले सेक्टर में एक मेडिकल कैंप लगाया गया था. इस कैंप में करीब 70 लोग ऐसे पाए गए थे जो दूषित पानी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थे. इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे. लोगों ने बताया कि लंबे समय से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जा रही थीं लेकिन ठोस समाधान नहीं हुआ.

रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि अल्फा 2 सेक्टर में लगभग 30 हजार से 35 हजार लोग रहते हैं. भाटी का आरोप है कि पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की वजह से सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा है. यही कारण है कि पानी का रंग और गंध दोनों खराब हो गए हैं. उनका कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं.

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