मुंबई: मुंबई से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है. हैरानी के साथ ही फिल्म माता-पिता के लिए यह एक चेतावनी वाला मामला भी है. बड़ों की लापरवाही ने एक मासूम बच्ची की जान ले ली. सिर्फ इंजेक्शन के डर की वजह से समय पर इलाज न होने के कारण नौ साल की बच्ची की रेबीज जैसी बीमारी से मौत हो गई. इस घटना ने लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है.
यह मामला मुंबई का है, जहां कक्षा 4 की छात्रा कशिश साहनी को करीब छह महीने पहले एक आवारा कुत्ते ने खरोंच दिया था. वह कुछ समय पहले अपने दादा के साथ टहलने गई थी. घटना के बाद परिवार उसे अस्पताल ले गया, लेकिन इंजेक्शन से डर के कारण बच्ची ने टीका लगवाने से मना कर दिया और उसके इसी डर ने उसकी जान ले ली.
खरोंच लगने के बाद कुछ दिनों में कशिश सामान्य हो गई, जिससे परिवार को लगा कि शायद खतरा टल गया है. इसी वजह से उसे आगे टीकाकरण के लिए नहीं ले जाया गया. यही लापरवाही बाद में जानलेवा साबित हुई, क्योंकि रेबीज का वायरस कशिश के पूरे शरीर में धीरे-धीरे फैलता गया.
करीब छह महीने बाद बच्ची की हालत अचानक खराब होने लगी. उसने खाना-पीना बंद कर दिया और उसकी आंखें लाल हो गईं. स्थिति गंभीर होने पर परिवार आनन-फानम में उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां से उसे आगे इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया.
हालांकि इसका कोई फायदा नहीं हुआ. क्योंकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और सोमवार को उसकी मौत हो गई.
घटना के बाद नगर निगम ने परिवार और संपर्क में आए लोगों की जांच कराने का फैसला लिया है. डॉक्टरों ने भी लोगों से अपील की है कि कुत्ते या बिल्ली के काटने या मामूली खरोंच को भी नजरअंदाज न करें और तुरंत एंटी-रेबीज टीका लगवाएं, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.