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लिव-इन पार्टनर, जिसकी छत से गिरने से हुई थी मौत; गाजियाबाद सुसाइड केस में नया मोड़

गाजियाबाद में तीन बहनों के सुसाइड केस की जांच के दौरान पिता की तीन शादियां, एक पुराना लिव-इन रिलेशनशिप और एक संदिग्ध मौत सामने आई है. पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है और कह रही है कि जांच आखिरी स्टेज में है.

Calendar Last Updated : 08 February 2026, 05:47 PM IST
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गाजियाबादः भारत सिटी सोसाइटी में तीन बहनों की आत्महत्या का मामला रोज नए सवाल खड़े कर रहा है. शुरू में यह एक पारिवारिक त्रासदी लग रही थी. अब जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी रही है, एक ना एक नए पहलू सामने आ रहे हैं. पिता चेतन गुर्जर की पर्सनल लाइफ से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पुलिस अब पूरी घटना को मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और डिजिटल नजरिए से देख रही है. फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है.

तीन शादियां और एक परिवार की कहानी

पुलिस जांच में पता चला है कि चेतन गुर्जर ने तीन शादियां की थीं. हैरानी की बात यह है कि उनकी तीनों पत्नियां बहनें थीं. उनकी पहली पत्नी सुजाता से एक बेटा और एक बेटी, निशिका थी. दूसरी पत्नी हिना से दो बेटियां, प्राची और पाखी पैदा हुईं, जबकि तीसरी पत्नी टीना से उनकी एक चार साल की बेटी, देबू है. तीनों मृत बहनें अलग-अलग मांओं की थीं, लेकिन एक ही छत के नीचे रहती थीं.

2015 का लिव-इन रिलेशनशिप

चेतन गुर्जर का अतीत यहीं खत्म नहीं होता. पुलिस को पता चला है कि 2015 में वह साहिबाबाद के राजेंद्र नगर इलाके में एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था. उस महिला की फ्लैट की छत से गिरने से मौत हो गई थी. उस समय इसे आत्महत्या माना गया था. अब मौजूदा मामले के बाद पुलिस ने पुराने दस्तावेजों और रिपोर्टों की फिर से जांच शुरू कर दी है.

सुसाइड नोट

तीनों बहनों द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में सिर्फ उनके पिता का जिक्र है. पुलिस के अनुसार, लड़कियां अपने पिता के बहुत करीब थीं. जांच अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गहरा भावनात्मक जुड़ाव सामान्य था या किसी तरह के मानसिक दबाव का संकेत था. फिलहाल सुसाइड नोट में कोई सीधा आरोप या हिंसा का संकेत नहीं है.

ऑनलाइन गेमिंग और मानसिक स्वास्थ्य

जांच के दौरान एक अहम बात सामने आई, वह थी ऑनलाइन गेमिंग की भूमिका. एसीपी शालीमार गार्डन की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ ऑनलाइन गेम्स का लड़कियों की मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ा था. इसी आधार पर लखनऊ में साइबर क्राइम हेडक्वार्टर को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें पांच खतरनाक गेम्स पर बैन लगाने की सिफारिश की गई है. पुलिस का कहना है कि मामला लगभग पूरा हो गया है. परिवार वालों को क्लीन चिट दी जा सकती है.

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