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CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को एक रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क में बैठक करना पड़ा भारी, लोगों ने जाने को कहा

एक बार फिर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके जंतर-मंतर सीजन 2 की तैयारियों में जूटे हुए हैं. वे अपने समर्थकों के साथ एक रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क में बैठक करने पहुचें जहां लोगों ने उन्हे वहा से तुरंत जाने को कह दिया.

Calendar Last Updated : 13 August 2026, 01:04 PM IST
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नई दिल्ली: देश की राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों को एक रेजिडेंट सोसाइटी के पार्क में बैठक करना भारी पड़ गया. जंतर-मंतर सीजन 2 की तैयारियों के लिए पार्क में जुटे दीपके और उनकी टीम को स्थानीय लोगों ने वहां से जाने के लिए कहा. लोगों ने साफ कहा कि यह सोसाइटी का पार्क है, यहां धरना या राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा.

पार्क में जुटे थे दीपके और समर्थक

बताया जा रहा है कि अभिजीत दीपके अपने साथियों सौरभ दास, आशुतोष रंका और कुछ समर्थकों के साथ पार्क में पहुंचे थे. यहां जंतर-मंतर सीजन 2 को लेकर चर्चा की जा रही थी. इसी दौरान सोसाइटी के निवासियों को इसकी जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंच गए.

स्थानीय लोगों ने बैठक का विरोध करते हुए कहा कि पार्क का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस भी हुई. स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया. इसके बाद दीपके और उनके समर्थकों को पार्क से बाहर जाना पड़ा.

दीपके ने लगाया दबाव बनाने का आरोप

इससे पहले अभिजीत दीपके ने दावा किया था कि दिल्ली में उनकी टीम को बैठक के लिए जगह नहीं मिल रही है. उनका कहना है कि कई जगहों पर हॉल लेने की कोशिश की गई, लेकिन संचालकों ने कथित दबाव के चलते जगह देने से इनकार कर दिया.

दीपके ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की बैठक रोकने के लिए लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है. उन्होंने इसके पीछे बीजेपी का हाथ होने का भी आरोप लगाया. हालांकि, इन आरोपों को लेकर बीजेपी की प्रतिक्रिया का उल्लेख इस सामग्री में नहीं है.

क्या है जंतर-मंतर सीजन 2 का प्लान?

दीपके ने जंतर-मंतर सीजन 2 शुरू करने की घोषणा की है. उनकी टीम का कहना है कि इसके तहत देशभर में लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए अभियान चलाया जाएगा.

CJP प्रवक्ता सौरव दास के मुताबिक, पार्टी शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देने की तैयारी में है. इसके लिए लोगों से सरकारी स्कूलों की स्थिति देखने, सोशल ऑडिट करने और समस्याओं को सामने लाने की अपील की जाएगी. दीपके और उनकी टीम का दावा है कि आने वाले समय में यह अभियान देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा.

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