menu-icon
The Bharatvarsh News

'सत्ता हमेशा नहीं रहती...', प्रयागराज माघ मेला 2026 में मचा बवाल, शिष्यों से मारपीट पर शंकराचार्य स्वामी सदानंद का फूटा गुस्सा

माघ मेला में चल रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा विवाद अभी भी शांत नहीं हुई हैं. इस मामले में अब द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

Calendar Last Updated : 21 January 2026, 02:09 PM IST
Share:

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला 2026 चल रहा है. माघ मेला में चल रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा विवाद अभी भी शांत नहीं हुई हैं. इस मामले में अब द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि साधु-संतों की शिखा का अपमान किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

गंगा स्नान से रोकना बड़ा पाप: स्वामी सदानंद

स्वामी सदानंद प्रयागराज में गंगा स्नान करने से रोके जाने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि किसी साधु को गंगा स्नान से रोकना बहुत बड़ा अपराध है. उन्होंने इसकी तुलना गौ हत्या के बराबर पाप से की है. उनके अनुसार, शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि जो व्यक्ति किसी को गंगा स्नान करने से रोकता है, उसे गौ हत्या का पाप लगता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सत्ता का घमंड है और सत्ता हमेशा एक जैसी नहीं रहती, इसलिए इसका गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

जानिए क्या है पूरा विवाद

दरअसल यह पूरा मामला मौनी अमावस्या के स्नान पर्व से शुरु हुआ था. बताया गया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी के साथ संगम नोज तक जाकर स्नान करने से रोक दिया गया था.  इस दौरान उनके अनुयायियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तक हो गई थी. इस घटना में कई साधु-संतों को चोट लगने की खबरें भी सामने आईं.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पूरी घटना के लिए प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार को जिम्मेदार ठहराया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस घटना ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस कुछ शिष्यों को पकड़कर खींचती नजर आ रही है. अपने शिष्यों के साथ हुई मारपीट से नाराज होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मेला प्रशासन के खिलाफ अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए. उनके धरने में कंप्यूटर बाबा समेत कई साधु-संत शामिल हुए और उन्होंने इस घटना की निंदा की.

मेला प्रशासन ने जारी किया नोटिस

इस बीच मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी किया है. नोटिस मिलने के बाद उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने साफ कहा कि वह मेला अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे.

सम्बंधित खबर

Recent News