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विजय की शपथ से पहले सियासी ड्रामा, 'एक वोट' वाला मामला पहुंचा मद्रास हाईकोर्ट

तमिलनाडु की तिरुपत्तुर सीट पर सिर्फ एक वोट से मिली हार अब कोर्ट तक पहुंच गई है. डीएमके नेता के.आर. पेरियाकरुप्पन ने चुनाव नतीजे को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर आज सुनवाई होगी.

Calendar Last Updated : 10 May 2026, 08:46 AM IST
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विजय शपथ समारोह: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त हलचल तेज हो गई है. तिरुपत्तुर विधानसभा सीट पर हुए बेहद करीबी मुकाबले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है. डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन ने अपनी एक वोट से हुई हार को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति को इस सीट पर विजेता घोषित किया गया था, लेकिन इतने कम अंतर से आए नतीजे के बाद मामला अब अदालत तक पहुंच गया है. इस याचिका पर आज मद्रास हाईकोर्ट की विशेष बेंच सुनवाई करेगी, जिस पर पूरे तमिलनाडु की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं.

तिरुपत्तुर सीट पर सिर्फ 1 वोट से हार

तिरुपत्तुर विधानसभा क्षेत्र में हुए चुनाव में डीएमके नेता के.आर. पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हार का सामना करना पड़ा. टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की.

इतने कम अंतर से हार मिलने के बाद पेरियाकरुप्पन ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है. उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव परिणाम की दोबारा समीक्षा की मांग की है.

विधानसभा में विश्वास मत पर रोक लगाने की मांग

अपनी याचिका में के.आर. पेरियाकरुप्पन ने मांग की है कि विजेता घोषित किए गए सीनिवासा सेथुपति को फिलहाल विधानसभा में होने वाले विश्वास मत में हिस्सा लेने से रोका जाए.

उनका कहना है कि जब तक चुनाव परिणाम को लेकर उठे सवालों पर स्पष्ट फैसला नहीं हो जाता, तब तक उन्हें विश्वास मत प्रक्रिया से दूर रखा जाना चाहिए.

सुबह 10:30 बजे होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने गर्मियों की छुट्टियों के बावजूद विशेष बेंच गठित की है. इस याचिका पर आज सुबह 10:30 बजे सुनवाई तय की गई है.

राजनीतिक रूप से यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसका असर विधानसभा की कार्यवाही और विश्वास मत की प्रक्रिया पर पड़ सकता है.

तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल

डीएमके के वरिष्ठ नेता के.आर. पेरियाकरुप्पन लंबे समय से तिरुपत्तुर सीट पर मजबूत पकड़ रखते रहे हैं. ऐसे में बेहद मामूली अंतर से मिली हार ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है.

दूसरी तरफ टीवीके उम्मीदवार सीनिवासा सेथुपति को आधिकारिक रूप से विजेता घोषित किया जा चुका है. अगर अदालत उनकी विधानसभा प्रक्रिया में भागीदारी पर रोक लगाती है, तो इसका सीधा असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है.

टीवीके को मिला सहयोग

आपको बता दें कि विजय की टीवीके के पास 107 विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस के पांच विधायक, भाकपा और माकपा के दो-दो विधायक, जबकि वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो विधायकों का समर्थन भी पार्टी को प्राप्त है. हालांकि, भाकपा ने साफ कर दिया है कि वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी.

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