प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. कई दिनों से लापता चल रहे पूर्व ग्राम प्रधान मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना का शव नहर से बरामद हुआ है. नहर से शव बरामद होने के बाद इस मामले ने और भी गंभीर मोड़ ले लिया. पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई ने सबको और हैरान कर दिया है.
पुलिस ने बताया कि मुन्ना का शव बरामद करने के साथ ही इस मामले में एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया गया है. शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे प्रेम संबंध, दबाव और ब्लैकमेलिंग का मामला बताया, जिसने इस पूरी घटना को जन्म दिया. पुलिस अभी अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है.
जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश के सुमेरपुर गांव के पूर्व मुखिया मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना का सुमन देवी नाम की एक महिला से संबंध बन गया था. सुमन का पति काम के सिलसिले में बाहर रहता था, जिससे वह अकेली रहती थी. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं. आरोप है कि मुन्ना ने इस रिश्ते में जबरदस्ती और दबाव का सहारा लिया. बता दें कि मुन्ना पहले से दो शादियां कर रखी थीं.
समय के साथ हालात बिगड़ते गए और मुन्ना लगातार सुमन को ब्लैकमेल करता रहा. इस बढ़ते मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर सुमन ने अपने भाई से मदद मांगी. इसके बाद दोनों ने मिलकर मुन्ना को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
पुलिस ने आगे बताया कि 18 मार्च को सुमन ने मुन्ना को अपने मायके बुलाया. जैसे ही वह वहां पहुंचा, सुमन के भाई और उसके साथियों ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया.
गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद उन्होंने शव को बोरी में भरकर नहर में फेंक दिया, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके.
मुन्ना के परिवार ने जब उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, तो पुलिस ने जांच शुरू की. मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस सुमन तक पहुंची और नहर से शव बरामद किया. फिलहाल सुमन और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
खबरों के मुताबिक, मुन्ना गांव के चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे. उनके परिवार में उनकी दो पत्नियां और 18 बच्चे हैं. दोनो बीवियों से उन्हें छह बेटे और तीन बेटियां थी. जिनमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है.