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Bada Mangal 2026: सातवां बड़ा मंगल आज, हनुमान जी को चढ़ाएं ये खास भोग, धन-संपत्ति और सफलता के खुलेंगे रास्ते

आज ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. आज का दिन भगनान हनुमान जी को समर्पित है. इस दिन श्रद्धा और भक्ति से बजरंगबली की आराधना करने पर जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.

Calendar Last Updated : 16 June 2026, 08:29 AM IST
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नई दिल्ली: सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवारों का विशेष महत्व माना जाता है. इस महीने आने वाले सभी मंगलवारों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. 16 जून 2026 को ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. यह दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से बजरंगबली की आराधना करने पर जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

सातवें बड़े मंगल पर कई शुभ योग बन रहे हैं. भक्त इन शुभ समयों में पूजा कर सकते हैं.

अमृत काल: सुबह 5:45 बजे से 7:25 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक
संध्या आरती: शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक

बड़ा मंगल का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था. वहीं एक अन्य कथा के अनुसार महाबली भीम का अभिमान दूर करने के लिए हनुमान जी ने वृद्ध वानर का रूप धारण किया था. इसी कारण इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है. इस दिन व्रत और हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है तथा मंगल दोष के प्रभाव कम होते हैं.

कैसे करें हनुमान जी की पूजा?

बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर साफ और शुद्ध वस्त्र धारण करें. इसके बाद घर के मंदिर या हनुमान मंदिर में घी अथवा चमेली के तेल का दीपक जलाएं. हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें. पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है.

इन चीजों का लगाएं भोग

हनुमान जी को बूंदी के लड्डू, कसार और तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद मीठा पान भी चढ़ाया जा सकता है. मान्यता है कि इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

क्या करें और क्या न करें?

इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना और राहगीरों के लिए पानी या शरबत की व्यवस्था करना पुण्यदायी माना जाता है. वहीं तामसिक भोजन, क्रोध, विवाद और अपशब्दों से बचना चाहिए. पूजा के अंत में कपूर से आरती कर हनुमान जी से सुख-समृद्धि की कामना करें.

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