menu-icon
The Bharatvarsh News

Sawan Somwar 2026: सावन के चारों सोमवार का जानें अलग महत्व, किस दिन करें कौन-सी पूजा

सावन 2026 में पड़ने वाले चारों सोमवार विशेष योग और पर्वों के साथ आ रहे हैं. हर सोमवार का अलग धार्मिक महत्व और विशेष उपाय बताया गया है, जिन्हें श्रद्धा से करने पर जीवन के कई क्षेत्रों में शुभ फल मिलने की मान्यता है.

Calendar Last Updated : 02 August 2026, 12:54 PM IST
Share:

नई दिल्ली: भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो चुका है और यह 28 अगस्त 2026 तक चलेगा. हिंदू धर्म में इस पूरे महीने को शिव भक्ति का सबसे शुभ समय माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और व्रत करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं और हर सोमवार किसी न किसी शुभ योग या विशेष पर्व के साथ आने से इनका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है.

इस वर्ष पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा. इस दिन सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. दूसरा सोमवार 10 अगस्त को होगा, जो सोम प्रदोष व्रत के साथ पड़ रहा है. तीसरा सावन सोमवार 17 अगस्त को आएगा और इसी दिन नाग पंचमी का पावन पर्व भी मनाया जाएगा. वहीं, चौथा और अंतिम सावन सोमवार 24 अगस्त को रहेगा, जिस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ प्रभाव रहेगा.

पहले सोमवार करें धन वृद्धि का उपाय

अगर आर्थिक तंगी, कर्ज या धन संबंधी परेशानियां लंबे समय से बनी हुई हैं, तो पहले सावन सोमवार को भगवान शिव का विशेष अभिषेक करना शुभ माना जाता है. इसके लिए तांबे या चांदी के पात्र में जल लें और उसमें थोड़ा कच्चा दूध तथा काले तिल मिलाएं. इसके बाद इस मिश्रण को श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर अर्पित करें.

दूसरे सोमवार करें विवाह संबंधी उपाय

जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है या जो मनचाहा जीवनसाथी चाहते हैं, उनके लिए दूसरा सावन सोमवार खास माना जाता है. इस दिन 108 साबुत बेलपत्र लें और प्रत्येक पर पीले चंदन से ‘ॐ’ या ‘राम’ लिखें. फिर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए एक-एक बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित करें.

तीसरे सोमवार मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद

तीसरे सावन सोमवार पर अच्छे स्वास्थ्य और मानसिक शांति की कामना की जाती है. इस दिन पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं. इसके बाद शमी के पत्ते और दूर्वा अर्पित करें. पूजा के अंत में श्रद्धा के साथ 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन प्राप्त होता है.

चौथे सोमवार करें सुखी दांपत्य की प्रार्थना

सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन शिवलिंग का अभिषेक गन्ने के रस या केसर मिले दूध से करें. इसके बाद माता पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग की सामग्री अर्पित करें. धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख और आपसी विश्वास बना रहता है.

सम्बंधित खबर

Recent News