नई दिल्लीः भारतीय सिनेमा में एक शब्द हमेशा गूंजता रहता है, ‘सुपरस्टार’ यह शब्द हर एक उस व्यक्ति के मुंह में होता है जो सिनेमा का दिवाना है. पूराने समय में धर्मेंद्र, अमिताभ, दिलीप कुमार, देवानंद, राजकपुर, आज के समय में सलमान, शाहरुख. वहीं साउथ से रजनीकांत, कमल हसन, चीरनजीवी जैसे कई नाम शामिल हैं. देश के दोनों छोरों की इंटस्ट्री पर लोगों की नजरें बनी रहती हैं.
एक और शब्द जो नए दशक में चर्चा में आया है, वह है ‘पैन इंडिया सुपरस्टार’. इसका टैग सबसे पहले बाहुबली करने बाद प्रभास को मिला था. उसके बाद यश, जुनियर नटीआर, अल्लु अर्जुन जैसे नाम भी शामिल हुए, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन सब लोगों में अगर किसी का जादू लोगों पर चला है और जिसने बाक्स ऑफिस पर राज किया है, वह और कही नहीं प्रभास हैं. आईए जानते हैं क्यों प्रभास को लोग इन नजरों से देखतें हैं.
पिछले साल के आखिर में जब संदीप रेड्डी वांगा ने अपने लीड एक्टर प्रभास के जन्मदिन पर अपनी आने वाली फिल्म स्पिरिट का फर्स्ट लुक जारी किया, तो टाइटल कार्ड ने सबका ध्यान खींचा. रिबेल स्टार के बजाय, जैसा कि प्रभास को आमतौर पर प्रमोशनल मटेरियल में पेश किया जाता है, प्रोमो में उन्हें भारत का सबसे बड़ा सुपरस्टार कहा गया. हालांकि, यह वांगा के अपनी फिल्मों के लिए सीधे-सीधे प्रमोशनल तरीके के हिसाब से था, लेकिन इस टैग ने एक बहस शुरू कर दी. इसके बाद शाहरुख खान से लेकर रजनीकांत तक के फैंस नाराज हो गए.
सुपरस्टार शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 1960 के दशक के आखिर में भारतीय सिनेमा में राजेश खन्ना के लिए किया गया था और फिर बाद में दिलीप कुमार, एमजी रामचंद्रन और एनटी रामाराव जैसे कुछ लोगों पर भी इसे लागू किया गया. अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, चिरंजीवी और रजनीकांत कुछ ऐसे और लोग हैं जिन्होंने समय-समय पर भारत के सबसे बड़े स्टार कहलाने का दावा किया है.
इन सभी में दो बातें कॉमन थीं, उन्होंने लगातार बॉक्स ऑफिस पर सफल फिल्में दीं और लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता बेमिसाल थी. अगर बॉक्स ऑफिस पर कमाई और लोगों के बीच लोकप्रियता सबसे बड़े इंडिकेटर हैं, तो मौजूदा 'पैन-इंडिया' माहौल में इस डार्लिंग का इस टैग पर सबसे मजबूत दावा है.
हैरान करने वाली बात यह है कि प्रभास ने अपनी पिछली पांचों फिल्मों के लिए दुनिया भर में पहले दिन ₹100 करोड़ की कमाई पक्की की है. फिल्में सफल होती हैं या नहीं, यह आखिरकार फिल्म की क्वालिटी और वर्ड ऑफ माउथ सहित कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है, लेकिन ओपनिंग हमेशा स्टार की वजह से होती है.
यह बात कि प्रभास ने आदिपुरुष की असफलता के कुछ ही महीनों बाद, सालार को भारत में ₹90 करोड़ और दुनिया भर में पहले दिन ₹150 करोड़ से ज़्यादा कमाने में कामयाब बनाया, यह उनके स्टारडम के बारे में बहुत कुछ कहता है. उनका यह सफर बाहुबली से शुरू हुआ था.