नई दिल्ली: भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री नीना गुप्ता एक बार फिर से अपने विचारों और बयान के लिए चर्चा में हैं. उन्होंने एक बार फिर भारतीय घरों में महिलाओं को जिन वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है, उनके बारे में खुलकर बात की है, साथ ही उस धारणा का खंडन किया है कि समाज ने काफी प्रगति की है. उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने और क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के रिश्ते के बारे में खुलकर बात की है.
भारत की नामचीन अदाकारा नीना गुप्ता को किसी पहचान की आवश्यकता नहीं है. वह हमेशा से ही अपनी एक्टिंग और बोल्ड विचारों के लिए जानी जाती हैं. अब अभिनेत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि कैसे पितृसत्ता और उनकी कठोर अपेक्षाएं शादी के बाद भी महिलाओं को प्रभावित करती हैं.
उन्होंने इंटरव्यू के दौरान इस बात पर जोर दिया कि शहरों में इंग्लिश बोली को अपनाने वाले भले ही ज्यादा उदार दिख सकते हैं, लेकिन लेकिन वो भी देश की व्यापक वास्तविकता का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.
जब नीना से पूछा गया देश में महिलाओं की बदलती स्थिती के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि क्या आप भारत की बात कर रहे हैं? कौन कहता है कि लोग खुले विचारों वाले हो गए हैं हमारे देश में बहुत सी चीजें नहीं बदली हैं. महिलाएं आज भी सिर पर पल्लू डालने के बाद ससुर के पैर छूती हैं. आप और मैं अल्पसंख्यक हैं, हम असली भारत नहीं हैं. हम जैसे लोग जो अच्छे कपड़े पहनते हैं और अच्छे से बात करते हैं, वे भारत नहीं हैं.'
आपको क्या लगता है क्या आज महिलाओं के लिए वक्त बदल गया है तो यह बिलकुल गलत है. क्योंकि आज भी लोगों को अपने लिए वर्जिन पत्नी ही चाहिए होती है. मेरे लिए उस जमाने में बिन ब्याही मां बनना आसान नहीं था. मैं 30 साल की उम्र में अकेली माँ बनी और बेटी मसाबा जन्म बिना शादी के हुआ.
नीना गुप्ता ऐसी अदाकारा हैं जिन्होंने इस उम्र में भी सबको अपनी एक्टिंग का दिवाना बना रखा है. उन्होंने फिल्म 'बधाई हो', 'ऊंचाई', 'पंचायत' वेब सीरीज, 'वध', और 'मसाबा मसाबा' जैसी फिल्मों और सीरीज में काम किया है.