नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों फिलहाल भारत के दौरे पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भारत में स्वागत किया. उनका यह स्वागत उनके मुंबई पहुंच के कुछ घंटे बाद हुआ. मैक्रों इन दिनों मोदी के निमंत्रण पर भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं. दोनों नेता आज मुंबई में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात करेंगे.
बता दें फ्रांस के राष्ट्रपति के भारत आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. उन्होंने प्रेसिडेंट के स्वागत में अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट भी किया. जिस पर पीएम मोदी ने लिखा कि, 'भारत में उनकी यात्रा से वह बेहद खुश हैं और हमारी रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करने का इरादा रखता है.
Bienvenue en Inde !
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
L’Inde se félicite de votre visite et entend donner un nouvel élan à notre partenariat stratégique. Je suis convaincu que nos discussions renforceront davantage la coopération dans divers secteurs et contribueront au progrès mondial.
À très bientôt à Mumbai,… https://t.co/5gDTDt6llp
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मुंबई हवाई अड्डे पहुंचे ही वहां के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया. इस दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार वहां मौजूद रहीं.
राष्ट्रपति मैक्रों आज दोपहर करीब 3:15 बजे दक्षिण मुंबई के लोक भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनो के बीच द्विपक्षीय चर्चा होगी. इस चर्चा में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और नए उभरते क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया जा सकता है. इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने कोशिश करेंगे.
बैठक के बाद, रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों को कवर किया जा सकता है. साथ ही करीब 12 समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है. ये समझौते रणनीतिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार का संकेत देते हैं.
भारत ने हाल ही में एक सरकारी समझौते के तहत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है, जो दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम है.