नई दिल्ली: पिछले दिनों राष्ट्रगीत वंदे मातरम काफी चर्चा में रहा. इसे लेकर संसद में काफी बहस जारी जारी रही. उस बहस के बाद अब वंदे मातरम को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार सुबह नए नियम जारी किए गए हैं. जिनके अनुसार सभी सरकारी कार्यक्रमों और सभी स्कूलों में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' बजाया जाना अनिवार्य है.
मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशानिर्देश के तहत हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत बजाना भी अनिवार्य होगा. ये वंदे मातरम 3 मिनट 10 सेकेंड का होगा. जिसे पद्म पुरस्कार, नागरिक पुरस्कार और राष्ट्रपति की उपस्थिति में आयोजित होने वाले अन्य सभी कार्यक्रमों में बजाना आवश्यक होगा. इसके अलावा सिनेमा हॉल जैसे सार्वजनिक जगहों पर भी राष्ट्रगीत बजाया जाएगा, हालांकि इस दौरान खड़े होना अनिवार्य नहीं है. इतना ही नहीं बल्कि इसके सभी छह छंद बजाए जाएंगे.
GREAT NEWS
— Pranav Mahajan (@pranavmahajan) February 11, 2026
The complete Vande Mataram song to be played/sung at official functions now.
• The Union Home Ministry has issued an order that all six stanzas of the national song ‘Vande Mataram’ will be played at all official functions and other occasions before the National… pic.twitter.com/NOXW5v2R08
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि जो भी व्यक्ति राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करेगा उसके लिए सजा का प्रावधान है. सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के तहत राष्ट्रगान से संबंधित प्रोटोकॉल को 'वंदे मातरम' तक विस्तारित करने की योजना बना रही है.
बता दें कानून के तहत, कोई भी व्यक्ति जो राष्ट्रीय गीत का सम्मान करने में बाधा डालता है, या दूसरों को इसका सम्मान करने से रोकता है, उसे अधिकतम तीन साल की जेल की सजा हो सकती है.
इस निर्देश और उन चार श्लोकों को शामिल करने से विवाद खड़ा होने की संभावना है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले साल इस मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त बहस हुई थी.
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाया कि उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना का अनुसरण करते हुए इस गीत का विरोध किया क्योंकि यह 'मुसलमानों को नाराज कर सकता था'.