गाजियाबाद: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. शुरुआती तौर पर यह घटना आत्महत्या के रूप में सामने आई थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, परिवार की जटिल परिस्थितियां, मानसिक दबाव और पिता के अतीत से जुड़े कई तथ्य इस मामले को और गंभीर बनाते जा रहे हैं.
पुलिस जांच में सामने आया है कि 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी अपने पिता चेतन कुमार के साथ रह रही थीं. चेतन कुमार की तीन पत्नियां हैं—सुजाता, हीना और टीना, जोकि सगी बहनें हैं. सुजाता निशिका की मां हैं, जबकि हीना प्राची और पाखी की मां हैं.
पुलिस के अनुसार, तीनों बच्चियां अपने पिता से बेहद जुड़ी हुई थीं. यह बात उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट से भी जाहिर होती है, जिसमें उन्होंने केवल पिता को संबोधित किया था. नोट में उनकी माताओं का कोई उल्लेख नहीं मिला, ना ही इन बच्चियों ने अपनी मां के लिए कोई भी नोट छोड़ा. यह जांच एजेंसियों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है.
जांच में सामने आया कि लड़कियां लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं. आरोप है कि चेतन कुमार ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए थे और बाद में उन्हें बेच दिया था. बताया जा रहा है कि ऐसा उन्होंने बिजली के बिल चुकाने और बेटियों के अत्यधिक ऑनलाइन कंटेंट देखने की आदत के कारण किया. साथ ही यह भी पता चला कि तीनों बहने कोरियाई कंटेंट और गेम काफी प्रभावित थी, जिसका उनके दिमाग पर गहरा प्रभाव था.
कुछ सूत्रों की मानें तो, चेतन कुमार आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. उन पर करीब दो करोड़ रुपये का कर्ज था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह पारिवारिक तनाव बच्चों की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहा था.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 2015 में चेतन कुमार की एक लिव-इन पार्टनर की मौत हुई थी, जिसे तब आत्महत्या माना गया था. बताया जा रहा है कि लिव-इन पार्टनर की मौत साहिबाबाद पुलिस थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट की छत से गिरने के बाद हुई थी. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उस पुराने मामले और मौजूदा घटना के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है. लेकिन जरूर पड़ने पर दोनो मामलों के लिंक को जोड़कर इसकी जांच की जा सकती है.