नई दिल्ली: युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए मुख्यमंत्री होंगे. उन्हें मंगलवार को नई दिल्ली में मणिपुर बीजेपी विधायकों की बैठक में बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. विधायकों की यह बैठक शाम को बीजेपी मुख्यालय में हुई. इसके साथ ही मणिपुर को एक साल बाद नया मुख्यमंत्री मिलेगा.
2023 में मणिपुर में हिंसा हुई थी, जिसके बाद स्थिति को सामान्य होने में काफी समय लगा. नए मुख्यमंत्री की घोषणा को पूर्वोत्तर राज्य में शांति और स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. युमनाम खेमचंद सिंह के विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही मणिपुर में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस भी खत्म हो गया है. युमनाम खेमचंद सिंह जल्द ही राजभवन में बीजेपी की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
मणिपुर के मुख्यमंत्री पद से बरेन सिंह के इस्तीफे के बाद, केंद्र सरकार ने 13 फरवरी, 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था. वह इस महीने 12 फरवरी को खत्म होने वाला था. गौरतलब है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो युमनाम खेमचंद 2027 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, क्योंकि मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है.
युमनाम खेमचंद सिंह दो बार के बीजेपी विधायक हैं. उन्होंने 2017 और 2022 में लगातार सिंगजामेई विधानसभा सीट जीती. वह 2017 में मणिपुर विधानसभा के स्पीकर बने और 2022 तक पूरे पांच साल इस पद पर रहे. 2017 में उन्हें बरेन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. इस दौरान उन्होंने नगर प्रशासन, आवास और शहरी विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले.
राजनीति के क्षेत्र में आने से पहले, युमनाम खेमचंद ने खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाई थी. वह एक शानदार ताइक्वांडो खिलाड़ी थे. उनकी छवि एक विकासोन्मुखी नेता की है. मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सदस्य हैं. बीजेपी के पास अभी 37 विधायक हैं.
अपने सहयोगियों, नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) और नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) का भी समर्थन हासिल है, जिनके पास क्रमश छह और पांच विधायक हैं. इसके अलावा, बीजेपी को तीन निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है. राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA सरकार काफी मजबूत है.