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एलन मस्क की SpaceX ने xAI को खरीदा, अंतरिक्ष में खास सेंटर बनाने का प्लान, जानिए क्यों लिया ऐसा फैसला?

एलन मस्क ने अपनी ही कंपनी खरीदी. अंतरिक्ष में एक खास सेंटर बनाने का प्लान. बेहतरीन पावर और कूलिंग मैनेजमेंट की योजना

Calendar Last Updated : 03 February 2026, 03:44 PM IST
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नई दिल्ली: एलन मस्क की रॉकेट कंपनी SpaceX ने उनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI को खरीद लिया है. अब SpaceX पूरी तरह से xAI की मालिक है. मस्क ने कहा कि xAI को SpaceX में लाने से बड़े सुधार होंगे. यह एक शक्तिशाली इनोवेशन इंजन के रूप में उभरेगी. यह कंपनी कई टेक्नोलॉजी को मिलाएगी, जिसमें xAI का शक्तिशाली AI, SpaceX के बड़े रॉकेट, स्टारलिंक के जरिए हाई-स्पीड स्पेस-बेस्ड इंटरनेट, सीधे सैटेलाइट से फोन कनेक्टिविटी और X प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम जानकारी शामिल है.

मर्जर का लक्ष्य

इस मर्जर का एक मुख्य लक्ष्य अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना है. फिलहाल, AI सिस्टम को धरती पर बड़े डेटा सेंटर की जरूरत होती है. इनमें बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है. कंप्यूटर को ज़्यादा गरम होने से बचाने के लिए लगातार कूलिंग की भी जरूरत होती है. मस्क का कहना है कि धरती हमेशा इस बढ़ती मांग को पूरा नहीं कर सकती.

अंतरिक्ष में सोलर पैनल से बिजली बनेगी

इस दिक्क्त का समाधान यह है कि भारी AI वर्कलोड को अंतरिक्ष में ले जाया जाए. धरती के चारों ओर ऑर्बिट में, सैटेलाइट सोलर पैनल से बिजली बना सकते हैं क्योंकि उन्हें लगातार सूरज की रोशनी मिलेगी. अंतरिक्ष में धरती की तरह रात नहीं होती और कूलिंग आसान है. अंतरिक्ष की ठंड कूलिंग बनाए रखने में मदद करेगी। मस्क का कहना है कि इससे ऑपरेटिंग लागत कम होगी.

ऑर्बिटल डेटा सेंटर के रूप में काम करेगा

यह ध्यान देने वाली बात है कि इस खबर से कुछ दिन पहले ही SpaceX ने US फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) से दस लाख तक सैटेलाइट लॉन्च करने की इजाजत मांगी थी. ये सैटेलाइट न सिर्फ इंटरनेट एक्सेस देंगे बल्कि ऑर्बिटल डेटा सेंटर के रूप में भी काम करेंगे. हर सैटेलाइट के अंदर AI टास्क चलाने के लिए शक्तिशाली कंप्यूटर होंगे. सैटेलाइट को एक खास लो-अर्थ ऑर्बिट में रखा जाएगा ताकि वे लगभग हर समय सूरज की रोशनी में रहें. 

अरबों लोगों के लिए AI टुल का स्पोर्ट

मस्क का मानना ​​है कि ये स्पेस-बेस्ड डेटा सेंटर अरबों लोगों के लिए AI टुल का स्पोर्ट करेंगे. इंसानियत को कई ग्रहों पर रहने वाली प्रजाति बनने में मदद करेंगे. उनका अनुमान है कि सिर्फ दो से तीन सालों में अंतरिक्ष में AI कंप्यूटिंग करना बड़े AI मॉडल को ट्रेन करने और भारी मात्रा में डेटा प्रोसेस करने का सबसे सस्ता तरीका बन सकता है. यह धरती पर बड़े, ज्यादा बिजली खाने वाले डेटा सेंटर बनाने की तुलना में ज़्यादा तेज़ और काफी कम खर्चीला होगा.

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