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USTR का बड़ा U-टर्न! PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, फिर चुपके से किया पोस्ट डिलीट

USTR द्वारा साझा किया गया एक नक्शा, जिसमें पीओके और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था, कुछ ही दिनों में हटा लिया गया. इस कदम ने पहले जहां हैरानी पैदा की थी, वहीं अब इसके हटने से नई बहस छिड़ गई है.

Calendar Last Updated : 11 February 2026, 08:44 AM IST
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नई दिल्ली: भारत-अमेरिका संबंधों के बीच एक हैरान करने वाली सामने आ रही है, जिसने अचानक सुर्खियां बटोर लीं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा साझा किया गया एक नक्शा, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था, कुछ ही दिनों में हटा लिया गया. इस कदम ने पहले जहां हैरानी पैदा की थी, वहीं अब इसके हटने से नई बहस छिड़ गई है.

यह विवादित नक्शा पिछले हफ्ते वाशिंगटन डीसी और नई दिल्ली के बीच हुए एक अहम व्यापार समझौते की घोषणा के दौरान सामने आया था. नक्शे का स्वरूप अमेरिका के पहले के आधिकारिक मैप से अलग था, जिनमें आमतौर पर पीओके को अलग तरीके से दर्शाया जाता रहा है.  इस नक्शे के साझा करने के बाद से ही यह खूब चर्चा में रहा था. 

जानिए नक्शा क्यों बना चर्चा का विषय?

USTR द्वारा जारी नक्शे में पीओके और अक्साई चिन दोनों को भारत की सीमा में शामिल दिखाया गया था. यह प्रस्तुति इसलिए भी चौंकाने वाली थी क्योंकि अमेरिका पहले पाकिस्तान की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों को अलग या विवादित रूप में दर्शाता रहा है. 

हटाने के पीछे क्या कारण?

नक्शा सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे कि यह बदलाव जानबूझकर किया गया था या एक तकनीकी चूक थी. इन अटकलों के बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से वह पोस्ट डिलीट कर दिया, जिससे विवाद पर फिलहाल विराम लग गया.

पहले और अब के अमेरिकी नक्शों में फर्क

परंपरागत रूप से अमेरिकी सरकारी नक्शों में पीओके को अलग सीमांकन के साथ दिखाया जाता रहा है, जो पाकिस्तान के दावे को प्रतिबिंबित करता है. हटाए गए नक्शे में यह अंतर गायब था और सभी विवादित इलाकों को भारत के भीतर दर्शाया गया था.

अक्साई चिन और भारत का स्पष्ट रुख

हटाए गए नक्शे में अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा बताया गया था, जबकि चीन लंबे समय से इस क्षेत्र पर दावा करता रहा है. भारत ने हमेशा जम्मू-कश्मीर और उससे जुड़े सभी क्षेत्रों पर अपने संप्रभु अधिकार को दोहराया है.

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