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रंगमंच कलाकारों का सम्मान मिलता है, लेकिन सिनेमा सितारों जैसा प्यार नहीं मिलता: आदिल हुसैन

नई दिल्ली : रंगमंच और सिनेमा की दुनिया में एक अहम स्थान रखने वाले अभिनेता आदिल हुसैन, जिन्हें 'इश्किया', 'लाइफ ऑफ पाई', और 'इंग्लिश विंग्लिश' जैसी फिल्मों में उनकी प्रभावशाली भूमिकाओं के लिए जाना जाता है, ने एक दिलचस्प विचार साझा किया है. उनका कहना है कि रंगमंच कलाकारों को अक्सर सम्मान तो मिलता है, लेकिन वह सिनेमा सितारों जैसा प्यार नहीं प्राप्त कर पाते.

Calendar Last Updated : 10 February 2025, 09:35 PM IST
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नई दिल्ली : रंगमंच और सिनेमा की दुनिया में एक अहम स्थान रखने वाले अभिनेता आदिल हुसैन, जिन्हें 'इश्किया', 'लाइफ ऑफ पाई', और 'इंग्लिश विंग्लिश' जैसी फिल्मों में उनकी प्रभावशाली भूमिकाओं के लिए जाना जाता है, ने एक दिलचस्प विचार साझा किया है. उनका कहना है कि रंगमंच कलाकारों को अक्सर सम्मान तो मिलता है, लेकिन वह सिनेमा सितारों जैसा प्यार नहीं प्राप्त कर पाते.

रंगमंच कलाकारों का सम्मान, लेकिन प्यार की कमी

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से स्नातक आदिल हुसैन का मानना है कि रंगमंच पर काम करने वाले कलाकारों को बहुत सम्मान मिलता है, लेकिन वह सिनेमा के सितारों जैसे प्यार और ध्यान से वंचित रहते हैं. हुसैन का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता अधिक लोकप्रिय होते हैं क्योंकि कैमरे के माध्यम से उनके साथ निकटता होती है. फिल्म का कैमरा इतने करीब से अभिनेता को दिखाता है कि दर्शक उनकी हर छोटी-छोटी हरकतों और भावनाओं को महसूस कर सकते हैं.

क्यों सिनेमा सितारे ज्यादा आकर्षित करते हैं?

हुसैन कहते हैं, "जो मैंने महसूस किया है, वह यह है कि रंगमंच के कलाकारों को बहुत सम्मान मिलता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उन्हें वही प्यार मिले जो फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को मिलता है. फिल्म अभिनेताओं के साथ एक तरह का स्नेह जुड़ा होता है, क्योंकि वे कैमरे के माध्यम से बहुत करीब से दिखाई देते हैं." उनका कहना है कि कैमरा कलाकार के हर हाव-भाव, फुसफुसाहट, और सांस को भी रिकॉर्ड करता है, जो दर्शकों को अभिनेता के और करीब लाता है, जिससे उनका आकर्षण बढ़ जाता है.

रंगमंच और सिनेमा के बीच अंतर

आदिल हुसैन यह भी मानते हैं कि रंगमंच पर दर्शकों को किसी विशेष अभिनेता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मार्गदर्शन नहीं किया जाता, जबकि फिल्म में कैमरा उस ध्यान को अभिनेताओं पर निर्देशित करता है. उनका कहना है कि कैमरा अभिनेता की भावना और शारीरिक भाषा को इतनी स्पष्टता से दर्शाता है, जो रंगमंच के मुकाबले अधिक प्रभावी होता है.

आदिल हुसैन के बयान से यह साफ होता है कि रंगमंच और सिनेमा दोनों में कलाकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन दर्शकों का ध्यान और प्यार प्राप्त करने में दोनों के बीच अंतर है. रंगमंच के कलाकारों को सम्मान मिलता है, लेकिन फिल्म सितारों के जैसी लोकप्रियता और प्यार की कमी है.

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