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पीरियड्स के दौरान क्यों होती है चॉकलेट की क्रेविंग? शरीर में होते हैं ये 3 बदलाव

पीरियड्स से पहले या उसके दौरान चॉकलेट, कुरकुरे चिप्स या मीठा खाने की इच्छा होना आम नॉर्मल सी बात है. इसे अक्सर मूड स्विंग माना जाता है.

Calendar Last Updated : 13 August 2026, 04:13 PM IST
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नई दिल्ली: पीरियड्स से पहले या उसके दौरान चॉकलेट, कुरकुरे चिप्स या मीठा खाने की इच्छा होना आम नॉर्मल सी बात है. इसे अक्सर मूड स्विंग माना जाता है. लेकिन असल में इसके पीछे गहरे कारण होते हैं. पीरियड्स से पहले खाने की इच्छा का संबंध हॉर्मोनल बदलाव से है. 

हॉर्मोन में बदलाव

पीरियड्स से पहले के चरण में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का स्तर तेजी से बदलता है. इन हॉर्मोनल बदलावों के कारण मस्तिष्क में सेरोटोनिन की कमी होती है, जो हमारे मूड को नियंत्रित करता है. इसकी कमी होने पर दिमाग कार्बोहाइड्रेट और शुगर से भरपूर खाने की मांग करने लगता है।जिससे महिलाओं को राहत महसूस होती है.

क्या होती है अलग अलग क्रेविंग्स

चॉकलेट खाने की इच्छा

पीरियड्स के दौरान चॉकलेट की इच्छा सबसे आम है. चॉकलेट में मैग्नीशियम होता है। जो मांसपेशियों को आराम देने और मूड को स्थिर रखने में मदद करता है.

नमकीन और क्रिस्पी चिप्स की इच्छा

अचार या नमकीन स्नैक्स खाने की इच्छा प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन के कारण होती है. जो शरीर में पानी जमा होने और ब्लोटिंग का कारण बनता है.

मीठा, पास्ता या ब्रेड की इच्छा

रिफाइंड कार्ब्स और चीनी वाले खाना शुगर को तुरंत बढ़ाते हैं. जिससे शरीर की सुस्ती और थकान पल भर के लिए दूर हो जाती है.

रेड मीट या भारी भोजन की इच्छा

जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग होती है. उन्हें अक्सर बर्गर या रेड मीट खाने की इच्छा होती है। जो शरीर में आयरन की कमी का संकेत है.

इन इच्छाओं को शांत करने के क्या है ऑप्शन

चीनी या मैदा की जगह आप ओट्स, साबुत अनाज, मीठे फल या शकरकंद ले सकते हैं. प्रोसेस्ड नमकीन की जगह आप भुने हुए नट्स, कद्दू या अलसी के बीज, मखाने ले सकते हैं. आयरन की पूर्ति के लिए आप पालक, चुकंदर, दालें, खजूर और अनार ले सकते हैं.

इन आसान टिप्स से पाएं राहत

कई बार शरीर प्यास के संकेतों को भूख समझ लेता है. इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. कम नींद लेने से भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन सक्रिय हो जाते हैं. जो आपको जंक फूड खाने पर मजबूर करते हैं. भोजन छोड़ने या स्किप करने से ब्लड शुगर अनियंत्रित होता है. समय पर पौष्टिक भोजन लें ताकि अचानक भूख न चमके. नियमित शारीरिक सक्रियता से शरीर में एंडोर्फिन हॉर्मोन रिलीज होता है. जो मूड को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाता है और तनाव जनित क्रेविंग को रोकता है.

 

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