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पाकिस्तान का बड़ा जमीनी-हवाई हमला, खूंखार कमांडर समेत 35 ढेर , एक महीने में चौथे हमले से हालात गंभीर

पाकिस्तान द्वारा किए गए इस जमीनी और हवाई हमले में एक खूंखार कमांडर सहित कुल 35 लोग मारे गए हैं. महज एक महीने के भीतर पाकिस्तान की तरफ से किया गया यह चौथा बड़ा हमला है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.

Calendar Last Updated : 29 June 2026, 11:07 AM IST
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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अब दक्षिण एशिया में भी दो पड़ोसी मुल्कों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है. पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए उसकी सीमा से सटे इलाकों में बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया है. पाकिस्तान सरकार का दावा है कि खुफिया इनपुट के आधार पर किए गए इस जमीनी और हवाई हमले में एक खूंखार कमांडर सहित कुल 35 लोग मारे गए हैं. महज एक महीने के भीतर पाकिस्तान की तरफ से किया गया यह चौथा बड़ा हमला है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.

कराची रेंजर्स मुख्यालय पर हमले के बाद भड़का पाकिस्तान

यह पूरी कार्रवाई शनिवार को कराची में हुए एक बड़े आतंकी हमले के बाद सामने आई है. वहां पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने आत्मघाती धावा बोला था, जिसमें तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावर ढेर हुए, जबकि एक घायल आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी एक अफगान नागरिक है. इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े संगठन 'जमात-उल-अहरार' ने ली थी, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की रणनीति बनाई.

आधी रात को एयरस्ट्राइक तीन प्रांतों में तबाही

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस सैन्य अभियान की पुष्टि की. उन्होंने साफ कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. पाकिस्तानी सेना ने सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में जमीनी ऑपरेशन चलाकर मुख्य कमांडर ‘खान फरोश’ समेत चार आतंकियों को मार गिराया. इसके ठीक बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने आधी रात को अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में टीटीपी और जमात-उल-अहरार के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. इस एयरस्ट्राइक में 25 और आतंकवादी मारे गए और उनके हथियारों का बड़ा जखीरा नष्ट कर दिया गया.

क्यों सुलग रही है पाक-अफगान सीमा?

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के भीतर सुरक्षा बलों और पुलिस पर आत्मघाती हमले बेहद तेज हुए हैं. पाकिस्तान का सीधा आरोप है कि टीटीपी के आतंकियों को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार का संरक्षण प्राप्त है और वे अफगान सरजमीं का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में खूनखराबा कर रहे हैं. दूसरी तरफ, काबुल की तालिबान सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती आई है. बहरहाल, पाकिस्तान की इस ताजा संप्रभुता उल्लंघन की कार्रवाई से दोनों देशों के रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर आ गए हैं और सीमाई इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

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