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चीन के बच्चों में फ़ैल रही है रहस्यमयी बीमारी, क्या फिर आ सकता है कोरोना?

चीन के अस्पतालों में इन दिनों साँस सम्बन्धी बीमारी से जूझ रहे मरीज़ बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. इसे लेकर बीजिंग प्रशासन ने कोरोना सम्बन्धी संक्रमण के बढ़ने की चेतावनी भी जारी की है.

Calendar Last Updated : 25 November 2023, 11:09 AM IST
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China: चीन में सर्दियों के दस्तक के साथ ही एक बार फिर से एक रहस्यमयी बीमारी दस्तक दे रही है. दुनिया अभी-तक पूरी तरह से कोरोना संक्रमण के झटके से उबर भी नहीं पायी है और ऐसे में इस नयी बीमारी का सामने आना बेहद ही चिंताजनक है. खास बात ये है कि कोरोना संक्रमण की तर्ज़ पर ही इस नयी अज्ञात बीमारी की शुरुआत भी चीन से ही हुई है. हालाँकि अभी तक ये साफ नहीं है कि ये अज्ञात बीमारी सिर्फ चीन के लिए ही खतरा है या फिर इसका असर बाकी दुनिया पर भी पड़ने वाला है. 

दरअसल इन दिनों चीन के अस्पतालों में एक खास साँस सम्बन्धी बीमारी से जूझ रहे मरीज़ो की संख्या लगातार बढ़ गयी है. इसे लेकर बीजिंग ने शुक्रवार को स्कूलों और अस्पतालों में साँस सम्बन्धी बीमारी के बढ़ने के कारण सतर्कता बरतने को कहा है. 

बता दें कि इस बारे में बीजिंग और लियाओनिंग प्रशासन ने सर्दियों में इन्फ्लुएंजा के चरम पर होने और भविष्य में कुछ क्षेत्रों में मइक्रोप्लास्मा संक्रमण के बढ़ने की बात कही है. इसके साथ ही बीजिंग ने कोरोना के संक्रमण के एक बार फिर बढ़ने की चेतावनी भी दी है. 

 

विश्व स्वस्थ्य संगठन ने मांगी थी रिपोर्ट 

गौरतलब है कि चीन में आ रहे इस अज्ञात बीमारी के मामले पर विश्व स्वस्थ्य संगठन भी अपनी नजर बनाये हुए है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बारे में चीन की सरकार से मरीज़ो का डाटा माँगा था. WHO ने इस डाटा का अध्ययन करने के बाद कहा कि कोई असामान्य या नए वायरस का पता नमहि चला है. WHO ने कहा कि ये एक सामान्य जीवाणु संक्रमण है जो खास-तौर पर छोटे बच्चों में ज्यादा फैलता है. 

 

चीन ने जारी किया एडवाइजरी 

बता दें कि चीन ने इस सप्ताह साँस-सम्बन्धी बीमारी से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पतालों और स्कूलों में एडवाइजरी जारी करना शुरू कर दिया था. चीन ने जनता को भीड़-भाड़ वाले अस्पतालों और क्रॉस सेक्शन पर संक्रमण के बढ़ने की चेतावनी दी थी. हालाँकि उन्होंने लोगों को मास्क पहनने और स्कूलों को बंद करने जैसे कदम अभी नहीं उठाये हैं. 

गौरतलब है कि मेलबर्न स्कूल ऑफ़ हेल्थ साइंसेज के ब्रूस थॉम्पसन ने कहा कि प्रांरम्भिक आंकड़ों से ये कोई सामान्य बीमारी लगती है. हालाँकि उन्होंने इसे कोरोना के नए वेरिएंट होने पर भी आशंका जताई. उन्होंने कहा कि इस स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे ये संकेत मिले कि ये कोरोना का नया वेरिएंट हो सकता है. 

बता दें की चीन की सरकार ने पिछले साल दिसम्बर में ही कोरोना से जुड़े सख्त प्रतिबन्ध हटाए थे. अब करीब एक साल बाद फिर चीन एक नयी रहस्यमयी बीमारी की चपेट में है. 
 

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