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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में चुनावी सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की भूमिका को लेकर कई बड़े दावे किए. उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने वर्ष 2020 के चुनावी चक्र के दौरान करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का संवेदनशील डेटा अवैध रूप से हासिल कर लिया था.
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को FBI, CIA और अन्य एजेंसियों के कुछ अधिकारियों ने जनता और सरकार से छिपाया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.
ट्रंप ने दावा किया कि सार्वजनिक किए जा रहे खुफिया दस्तावेजों में चुनावी व्यवस्था की गंभीर कमजोरियों का खुलासा हुआ है. उनके अनुसार चीन ने अमेरिकी मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर और राजनीतिक पसंद जैसी जानकारी तक पहुंच बनाई. उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी लोकतंत्र और चुनावी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है.
अपने संबोधन में ट्रंप ने आरोप लगाया कि FBI और CIA के कुछ अधिकारियों ने चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी जानकारी को दबाने का प्रयास किया. उन्होंने दावा किया कि कुछ अहम खुफिया रिपोर्टों को राष्ट्रपति की ब्रीफिंग से भी बाहर रखा गया. ट्रंप ने संबंधित एजेंसियों को मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश देने की बात भी कही. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनावी व्यवस्था में बड़े बदलाव की वकालत की. उन्होंने कहा कि हर मतदाता के लिए अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य होना चाहिए. साथ ही मेल-इन बैलेट प्रणाली को केवल विशेष परिस्थितियों तक सीमित रखने की मांग करते हुए उन्होंने SAFE America Act को जल्द पारित करने की अपील की.
ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा और सेना को लेकर भी कई दावे किए. उन्होंने कहा कि अमेरिका में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है, महंगाई में गिरावट आई है और सेना को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है. इसके अलावा उन्होंने टैक्स राहत और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का भी उल्लेख किया.
ट्रंप का कहना है कि उनकी सरकार चुनावी व्यवस्था से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर रही है, ताकि चुनावी सुरक्षा में मौजूद कमियों को सामने लाया जा सके. हालांकि, उनके भाषण में किए गए चीन, FBI, CIA और चुनावी धांधली से जुड़े दावों की अब तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है.