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ईरान पर अमेरिका का लगातार छठी रात हमला, कतर तक पहुंची जंग की आंच

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है. लगातार छठी रात अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया.

Calendar Last Updated : 17 July 2026, 12:24 PM IST
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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब पहले से ज्यादा गंभीर रूप ले चुका है. लगातार छठी रात अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. हालात ऐसे बन गए हैं कि कुछ ही दिन पहले हुआ अस्थायी समझौता लगभग बेअसर नजर आने लगा है और पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा फिर बढ़ गया है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से एक और अभियान चलाया. यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के विभिन्न हिस्सों में हमले किए. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी इलाके में स्थित दो पुलों, एक रेलवे स्टेशन और एक एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया. यह क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब है, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है. इसी रास्ते से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है.

हमलों में जान-माल का नुकसान

ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मोजगान प्रांत में पुलों पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा बुशेहर शहर में भी विस्फोट होने की खबर सामने आई है. बुशेहर वही शहर है जहां ईरान का प्रमुख नागरिक परमाणु बिजलीघर मौजूद है. हालांकि, इन हमलों से परमाणु संयंत्र को कितना नुकसान पहुंचा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. ईरान ने इन हमलों को अमेरिका की लगातार जारी सैन्य कार्रवाई बताया और इसकी कड़ी निंदा की.

होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बना तनाव का केंद्र

दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है. ऐसे में यहां बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है. कुछ सप्ताह पहले दोनों पक्षों के बीच संघर्ष कम करने के उद्देश्य से एक अस्थायी समझौता हुआ था, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं. लगातार हो रहे हमलों के कारण यह समझौता लगभग निष्प्रभावी होता नजर आ रहा है.

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि यदि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका उसके बिजलीघरों, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बना सकता है. इसी बीच व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि अमेरिका अब भी बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं मानता और कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है. दूसरी ओर, ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उसके नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले किए गए, तो वह पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई करेगा.

अब कतर भी बना निशाना

ईरान पहले बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर चुका है. हालांकि अब तक उसने कतर को सीधे निशाना नहीं बनाया था. लेकिन शुक्रवार तड़के कतर की राजधानी दोहा में कई तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई. इससे यह संकेत मिला कि ईरान अब संघर्ष का दायरा और बढ़ा सकता है. कतर और ईरान के बीच लंबे समय से अपेक्षाकृत अच्छे संबंध रहे हैं. यही वजह है कि मौजूदा संकट के दौरान कतर ने कई बार दोनों पक्षों के बीच संवाद कायम रखने की कोशिश की थी.

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