menu-icon
The Bharatvarsh News

तड़के गिरफ्तार हुए केपी ओली! सत्ता में आते ही एक्शन में आए बालेन शाह

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया. ओली को शनिवार तड़के गैर इरादतन हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया. यह मामला सितंबर 2025 में हुए ‘जेनरेशन जेड’ प्रदर्शनों के दौरान हिंसक दमन से जुड़ा है.

Calendar Last Updated : 28 March 2026, 07:47 AM IST
Share:

नई दिल्ली: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने देश में हलचल मचा दी है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया. उनकी गिरफ्तारी ने न केवल पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ला दिया है, बल्कि हाल के राजनीतिक बदलावों को भी नई दिशा दे दी है.

केपी शर्मा ओली को शनिवार तड़के गैर इरादतन हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया. यह मामला सितंबर 2025 में हुए ‘जेनरेशन जेड’ प्रदर्शनों के दौरान हिंसक दमन से जुड़ा है. इसी घटना के बाद उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी. खास बात यह है कि यह गिरफ्तारी बालेन शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद हुई.

अन्य नेताओं पर भी कार्यवाही

इस मामले में रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है. दोनों नेताओं को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया और उन पर ऐसे आरोप लगाए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है.

क्या है 'Gen Z' आंदोलन 

सितंबर 2025 में नेपाल में Gen Z युवाओं के नेतृत्व में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. यह आंदोलन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शासन की विफलताओं के खिलाफ शुरू हुआ था. शुरुआत में यह डिजिटल स्वतंत्रता का मुद्दा था, लेकिन बाद में यह व्यापक सत्ता विरोधी आंदोलन बन गया.

हिंसा और जांच रिपोर्ट

सरकार द्वारा किए गए दमन के दौरान हुई हिंसा में कम से कम 76 लोगों की मौत और हजारों लोग घायल हुए थे. इस घटना की जांच के लिए गठित आयोग ने ओली को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की. रिपोर्ट के अनुसार, वे हिंसा को रोकने में विफल रहे थे.

आरोपों को किया खारिज

ओली ने जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश और चरित्र हनन करार दिया. उनका कहना है कि रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण है और तथ्यों पर आधारित नहीं है. यह केवल उनकी छवि को बुरा दिखाने की साजिश है. 

चुनाव में मिली हार हार

हाल ही में हुए चुनावों में ओली को बालेन शाह के हाथों करारी शिकस्त का सामान करना पड़ा. यह सीट लंबे समय से उनकी पार्टी का गढ़ मानी जाती थी, जिससे इस हार को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.

आगे की कानूनी प्रक्रिया

बता दें अगर अदालत में ओली को खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं, तो ओली और अन्य आरोपियों को लंबी सजा का सामना करना पड़ सकता है. यह मामला आने वाले समय में नेपाल की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है.

सम्बंधित खबर

Recent News